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MP News: राज्यसभा चुनाव से पहले नेता प्रतिपक्ष बोले- MP में भी हो सकती है हॉर्स ट्रेडिंग,कांग्रेस अलर्ट मोड पर

Tue, 07 Apr 2026 06:06 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल

सार

राज्यसभा चुनाव से पहले नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश में हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका जताते हुए सियासी माहौल गर्मा दिया है। कांग्रेस के पास संख्या बल होने के बावजूद विधायकों के अयोग्यता और कानूनी मामलों के कारण उसका गणित कमजोर हुआ है, जिससे क्रॉस वोटिंग का खतरा भी बढ़ गया है।
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नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गर्म हो गया है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बड़ा बयान देते हुए प्रदेश में हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि देश के कई राज्यों में सरकारें खरीदने-बेचने के आरोप लगते रहे हैं, ऐसे में मध्यप्रदेश में भी ऐसी स्थिति बनना कोई बड़ी बात नहीं होगी।भोपाल स्थित अपने निवास पर मीडिया से चर्चा के दौरान सिंघार ने कहा कि कांग्रेस को इस तरह की संभावनाओं का अंदेशा है, लेकिन पार्टी पूरी तरह सतर्क है और अपने विधायकों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी विधायक पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करेंगे।
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लोकतंत्र और संस्थाओं पर भी उठाए सवाल
सिंघार ने कहा कि देश का माहौल धीरे-धीरे चुनावी सत्तावाद की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाया जा रहा है, जिसका असर राजनीतिक प्रक्रियाओं पर भी दिख रहा है। उन्होंने दतिया विधायक राजेंद्र भारती के मामले का जिक्र करते हुए कहा कि न्याय के लिए अदालत का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन वहां भी समय लग रहा है। लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए न्यायपालिका को इस तरह के मामलों पर संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।

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राज्यसभा चुनाव का पूरा गणित
मध्यप्रदेश में जून में तीन राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं। इनमें दो सीटें बीजेपी और एक सीट कांग्रेस के पास रही है। इन सभी सीटों पर नए सिरे से चुनाव होना है। एक उम्मीदवार को जीत के लिए 58 विधायकों के समर्थन की जरूरत होती है। विधानसभा में कांग्रेस के पास कुल 65 विधायक हैं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों ने उसका गणित बिगाड़ दिया है।
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कांग्रेस के लिए क्यों मुश्किल बढ़ी?
- बीना विधायक निर्मला सप्रे का दलबदल मामला कोर्ट में लंबित है
- विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा अयोग्यता के चलते मतदान नहीं कर सकेंगे
- दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म कर सीट रिक्त घोषित की जा चुकी है
इन हालात में कांग्रेस के प्रभावी विधायकों की संख्या घटकर करीब 62 रह गई है, जो जीत के लिए जरूरी आंकड़े के बेहद करीब है, लेकिन जोखिम से भरा हुआ है।

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क्रॉस वोटिंग का पुराना अनुभव भी चिंता
मध्यप्रदेश में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान पहले भी क्रॉस वोटिंग हो चुकी है, जब कई विधायकों ने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया था। इसी अनुभव के चलते कांग्रेस इस बार ज्यादा सतर्क नजर आ रही है। राज्यसभा चुनाव के इस पूरे परिदृश्य में जहां एक ओर गणितीय संतुलन अहम है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक रणनीति और विधायकों की एकजुटता भी निर्णायक भूमिका निभाएगी।

 
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