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MP News: ओंकारेश्वर में बनेगा अद्वैत वेदांत पर केंद्रित संग्रहालय, कैबिनेट से 2195 करोड़ की मंजूरी

Tue, 20 May 2025 04:00 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

ओंकारेश्वर की पावन धरती पर अद्वैत वेदांत दर्शन के शिरोमणि आचार्य शंकराचार्य की स्मृति में ‘अद्वैत लोक संग्रहालय’ का भव्य निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 2195 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
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‘एकात्म धाम’ को बनाया जा रहा एकात्मता का वैश्विक केंद्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ओंकारेश्वर में आचार्य शंकर की ज्ञान स्थली पर ‘अद्वैत लोक संग्रहालय’ के निर्माण को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में 2195 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह संग्रहालय भारत की सांस्कृतिक विरासत, अद्वैत वेदांत दर्शन और आचार्य शंकर के जीवन-दर्शन को समर्पित होगा।
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प्रदेश सरकार ‘एकात्म धाम’ को "ए ग्लोबल सेंटर ऑफ वननेस" के रूप में विकसित कर रही है। यह परिसर आचार्य शंकराचार्य के जीवन, विचार और उनके द्वारा पुनरुज्जीवित किए गए सनातन धर्म की महान परंपरा को भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।   इस परियोजना को 4 स्टार GRIHA रेटिंग के मानकों के अनुरूप बनाया जा रहा है। इसमें सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, अपशिष्ट प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता और प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग प्रमुख होगा। आगामी चरण में ‘आचार्य शंकर अंतरराष्ट्रीय अद्वैत वेदांत संस्थान’ की स्थापना का भी लक्ष्य रखा गया है। ‘एकात्म धाम’ न केवल भारत की आत्मिक चेतना का प्रतीक होगा, बल्कि यह विश्व को भारतीय सनातन संस्कृति और अद्वैत दर्शन से जोड़ने वाला केंद्र बनेगा।

अद्वैत लोक के प्रमुख आकर्षण
- डायोरमा गैलरी में आचार्य शंकराचार्य के जीवन की प्रमुख घटनाएं चल-स्थिर प्रदर्शों के जरिए प्रस्तुत की जाएंगी।
- अद्वैत नौका विहार के माध्यम से नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर सनातन परंपरा, संत परंपरा और दर्शनीय स्थलों को दर्शाया जाएगा। इसमें 150 यात्री एक बार में 15 मिनट तक नौका विहार का आनंद ले सकेंगे।
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- ‘माया’ 3डी डोम प्रोजेक्शन गैलरी में ब्रह्म से सृष्टि की उत्पत्ति और अंत की अवधारणा को तकनीकी रूप से दर्शाया जाएगा।
- हाई स्क्रीन थिएटर में 500 दर्शकों की क्षमता के साथ आचार्य शंकर पर आधारित फिल्में प्रदर्शित होंगी।
- प्रदर्श वीथिकाएं सांस्कृतिक एकता, शंकर भाष्य, स्तोत्र और समाज सुधार पर आचार्य शंकर के योगदान को दर्शाने के लिए बनाई जा रही हैं।
- शक्ति गैलरी में श्री यंत्र और शाक्त परंपरा का विस्तृत विवरण होगा।
- सन्यास गैलरी में दशनामी परंपरा, विभिन्न संप्रदायों और सन्यास की विधियों को दर्शाया जाएगा।
- ध्यान केंद्र में आचार्य शंकर की ध्यान विधियों का प्रत्यक्ष अनुभव कराया जाएगा।
- कला वीथिका में भारत के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक कला जैसे मिथिला, तंजौर, मधुबनी, वारली, फड़, कलमकारी आदि का प्रदर्शन होगा।
- अन्नपूर्णा परिसर में 700 आंतरिक और 1000 बाह्य क्षमता की भोजन व्यवस्था के साथ प्रसाद वितरण की भी सुविधा होगी।
- कलाग्राम में भारत के चार प्रमुख मठों और मप्र की पारंपरिक शिल्पकला का प्रदर्शन और विक्रय होगा।
- पंचायतन मंदिर में शास्त्रीय शैली में शिव, शक्ति, विष्णु, सूर्य और गणेश की पूजा की व्यवस्था होगी।
- लेजर, जल एवं ध्वनि शो में उपनिषदों की कथाएं, संवाद, श्री यंत्र का रहस्य और ओंकारेश्वर की महत्ता दृश्य-श्रव्य माध्यमों से प्रदर्शित की जाएगी।
- अद्वैत वन और वृक्षारोपण के तहत 37,000 से अधिक पौधों का रोपण होगा, जिसमें वैदिक परंपराओं के अनुरूप निधिवन, तपोवन जैसे खंड विकसित किए जाएंगे।
  
 
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