पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी 31 अगस्त 2026 को उपस्थित होंगी। इससे पहले वे कार्यालयीन व्यस्तता के कारण लोकायुक्त के समक्ष उपस्थित नहीं हो सकी थीं। कांग्रेस विधायक के सवाल के जवाब में यह जानकारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने लिखित उत्तर में दी। कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल ने विधानसभा में पोषण आहार योजना में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगा था।
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सरकार ने बताया कि टेक-होम राशन (टीएचआर) योजना की ऑडिट रिपोर्ट में दर्ज आपत्तियों के आधार पर 73 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें 11 जिला कार्यक्रम अधिकारियों के मामले शासन स्तर पर लंबित हैं, जबकि 62 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। इनमें 37 मामलों में विभागीय जांच शुरू की गई, 10 प्रकरण बंद किए गए, 6 मामलों में जांच पूरी होकर निर्णय लंबित है, 8 मामलों की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है और अन्य मामलों में कार्रवाई जारी है।
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प्रताप ग्रेवाल ने सरकार के जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकायुक्त ने 24 अगस्त को उपस्थित होने का आदेश दिया था, जबकि जवाब में 31 अगस्त की तारीख बताई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पोषण आहार मामले और राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब सरकार ने नहीं दिए। उन्होंने पूर्व विधायक पारस सकलेचा की शिकायत, पूर्व अधिकारियों की नियुक्तियों और जांच रिपोर्टों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि कई मामलों में कार्रवाई और दस्तावेज अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि पोषण आहार योजना में कथित गड़बड़ियों के जिम्मेदार लोगों पर समय पर कार्रवाई नहीं होने से जवाबदेही तय नहीं हो पाई है। उन्होंने सरकार से लंबित मामलों में पारदर्शी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।