मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के ग्राम बरखेड़ी डोब में 10 हजार गायों की क्षमता वाली हाईटेक गौशाला के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गौ-माता में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास है। उन्होंने कहा कि जिसके घर में गाय का कुल है, वह घर गोकुल है। गौ-पालन समाज में सामाजिक समरसता और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रतीक है। हर परिवार को गौ-पालन के लिए प्रेरित होना चाहिए। गौ-माता के संरक्षण के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती जीवनशैली में गौशालाओं का महत्व बढ़ता जा रहा है। राज्य सरकार इस दिशा में सक्रिय है और इस साल प्रदेश में 300 गौशालाओं का पंजीयन हो चुका है।
15 करोड़ की लागत से बनेगी हाईटेक गौशाला
बरखेड़ी डोब में बनने वाली इस गौशाला का निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा 25 एकड़ भूमि पर किया जाएगा। इस अत्याधुनिक गौ-शाला में गायों को भूसा, हरा घास, पशु आहार आदि कन्वेयर बेल्ट के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। यहां पर सीसीटीवी से पशुओं की मॉनीटरिंग की निगरानी की जाएगी। वहीं, गोबर और मूत्र से जैविक खाद और अन्य सामग्री का उत्पादन और बीमार और घायल पशुओं के लिए आधुनिक चिकित्सा वार्ड बनेगा। लगभग 15 करोड रुपए की लागत की गौ-शाला का निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी विभाग द्वारा कराया जाएगा। नगर निगम एवं पशुपालन विभाग नोडल एजेंसी होंगे। गौ-शाला को स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और जिला पंचायत द्वारा वित्त पोषण किया जाएगा। गौ-शाला का संचालन नगर निगम द्वारा किया जाएगा। गौशाला का निर्माण तीन चरणों में होगा, जिसमें पहले चरण में 2,000 गायों की क्षमता विकसित की जाएगी।
दुग्ध उत्पादन 9 से 20% करने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार "घर-घर बछिया" योजना के तहत दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित कर रही है। जल्द ही दुग्ध उत्पादकों को बोनस देने की व्यवस्था भी की जाएगी। वर्तमान में मध्यप्रदेश देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 9% योगदान दे रहा है, जिसे अगले पांच वर्षों में 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
गौ-माता से संबंधित डिग्री-डिप्लोमा कोर्स शुरू करेंगे
सूखी सेवनिया के शासकीय विद्यालय को सीएम राइज स्कूल में बदला जाएगा। सूखी सेवनिया रोड को फोरलेन बनाया जाएगा। बरखेड़ी डोब क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित कर रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने शासकीय विद्यालय सूखी सेवनिया को सीएम राइज विद्यालय बनाने और सूखी सेवनिया रोड को विभागीय मद अनुसार फोरलेन बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि बरखेड़ी डोब क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी हिंदी विश्वविद्यालय के माध्यम से गौ-माता से संबंधित डिग्री-डिप्लोमा कोर्स आरंभ किया जाएगा।
गौ-संवर्धन वर्ष और मुख्यमंत्री की पहल
कार्यक्रम में स्वामी अच्युतानंद जी महाराज ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने अल्प समय में प्रदेश में 50,000 गायों के पालन-पोषण की व्यवस्था की है। राज्य सरकार इस वर्ष को गौ-संवर्धन वर्ष के रूप में मना रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में समाज के हर वर्ग से गौ-पालन में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, सांसद आलोक शर्मा और अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और गौ-संवर्धन के प्रयासों को सराहा।