मध्य प्रदेश विधानसभा में एक लिखित प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि वर्ष 2021 से 2025 के बीच राज्य में कुल 61,112 लड़कियां लापता हुईं। इनमें से 3,241 लड़कियां अब भी लापता हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार नाबालिग लड़कियों के लापता होने के मामलों में अपहरण का प्रकरण दर्ज किया जाता है, ताकि जांच में किसी तरह की ढिलाई न रहे। वर्षवार आंकड़ों के अनुसार, 2021 में 9,407, 2022 में 9,093, 2023 में 11,250, 2024 में 11,907 और 2025 में 13,146 लड़कियों के लापता होने के मामले दर्ज किए गए। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि 2025 में पिछले पांच वर्षों की तुलना में सबसे अधिक मामले सामने आए।
ये भी पढ़ें-
RSS शताब्दी वर्ष: डॉ. हेडगेवार के जीवन पर महानाट्य का मंचन, सीएम बोले- समानता का विचार आज भी प्रासंगिक
सरकार द्वारा सदन में रखे गए पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इसी अवधि में 61,498 लड़कियों को खोजकर सुरक्षित वापस लाया गया। यह संख्या उन मामलों को भी शामिल करती है, जो पिछले वर्षों से लंबित थे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 2021 में 3,627 मामले लंबित थे। वहीं, 2026 के शुरुआती पांच महीनों में ही 6,309 लड़कियों के लापता होने के नए मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनकी तलाश और जांच जारी है।
ये भी पढ़ें-
मानसून सत्र का तीसरा दिन आज: अनुपूरक बजट और 6 विधेयकों पर होंगी चर्चा; पेपर लीक मामले पर हंगामे के आसार
पांच साल में लापता लड़कियां
- 2021- 9,407
- 2022- 9,093
- 2023- 11,250
- 2024- 11,907
- 2025- 13,146
कुल (2021-2025)- 61,112