मध्य प्रदेश विधानसभा के पांच दिवसीय शीतकालीन सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष को अविश्वास प्रस्ताव का आरोप पत्र सौंपा। इसमें 51 बिन्दुओं को शामिल किया है। इस पर बीजेपी विधायक दल की बैठक के बाद नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हम हर विषय पर चर्चा को तैयार है। विधानसभा अध्यक्ष की तरफ से तय तारीख पर अविश्वास प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी।
कांग्रेस की तरफ से नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने 51 बिन्दुओं का आरोप पत्र विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा। इसमें पूरक पोषण आहार, आयुष्मान योजना में घोटाला, शराब बिक्री को बढ़ावा देने, नर्सिंग कॉलेजों का फर्जीवाड़ा, महाकाल लोक निर्माण में घोटाला, किसानों का ऋण माफ नहीं करना, खाद की कमी, कारम बांध निर्माण में गड़बड़ी, अधिकारियों के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति नहीं देना समेत कई बिन्दू शामिल किए गए हैं।
वहीं, सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर बीजेपी विधायक दल की बैठक बुलाई गई। इसके बाद गृहमंत्री और सरकार के प्रवक्ता नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि हम युवा और विकास की राजनीति करते है। इसलिए कोई प्रस्ताव आ जाए, उस पर हम चर्चा को तैयार है। चर्चा सारगर्भित हो। हर मुद्दों पर हो। नियमपूर्वक हो। मिश्रा ने कहा कि मैंने सरसरी तौर पर उन्होंने जो सूचना और आरोप दिए है वह देखें है। हम सभी विषय पर चर्चा के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि वह कांग्रेस अविश्वास प्रस्ताव ला रही है, जिस कांग्रेस के नेता पर विधायकों का विश्वास नहीं है। जिन विधायकों पर कार्यकर्ताओं का विश्वास नहीं है। जिन कार्यकर्ताओं पर जनता का विश्वास नहीं है। कांग्रेस के आरोपों में कोई दम नहीं है। उन्होंने कहा कि 2013 में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए थे। इस बार भी वही परिणाम आएगा। उन्होंने कहा कि सभी विधायकों ने सारगर्भित चर्चा कराने की बात कही है। अविश्वास प्रस्ताव पर भी विधानसभा अध्यक्ष जो तारीख तय करेंगे, उस पर चर्चा होगी।
कमलनाथ के विपक्ष की कुर्सी पर शिवराज के बैठने के बयान पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि इस तरह का भ्रम आपने उस समय भी देखा था, जब 28 सीटों का उपचुनाव था। तक उन्होंने कहा था कि 15 अगस्त को झंडा हम फराएंगे। अगली बैठक हम सीएम हाउस में करेंगे। अब उनके कार्यकर्ताओं को भी उन पर विश्वास नहीं है। कांग्रेस की 15 महीने की सरकार में उनके कार्यकर्ताओं की भी उपेक्षा हुई। बिना पैसे लिए कार्यकर्ताओं के भी काम नहीं किए गए। वल्लभ भवन भ्रष्टाचार का अड्डा बना। कांग्रेस कार्यकर्ता भी अब उनके साथ खड़ा नहीं होगा।