प्रदेश के कॉलेजों में पढा रहे अतिथि विद्वानों को मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग से राज्य सरकार के सरकारी कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक, क्रीडा अधिकारी, ग्रंथपाल के पदों पर होने वाली भर्ती में 25 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएगा। यही नहीं उन्हें आयु सीमा में भी 10 साल की छूट दी जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने मध्य प्रदेश शैक्षणिक सेवा महाविद्यालयीन शाखा सेवा भर्ती नियमों में संशोधन कर दिया है। अब मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग इंदौर को मांग पत्र में विज्ञापित रिक्त पदों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण क्षैतिज रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। यह आरक्षण सभी प्रवर्गों में लागू है।
इसमें अनारक्षित, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग शामिल है। आरक्षण का लाभ उन अतिथि विद्वानों को दिया जाएगा, जिन्होंने शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि विद्वान नीति 2019 के उपबंधों के अधीन कम से कम एक वर्ष पूर्ण शैक्षणिक सत्र के लिए काम किया हो अथवा चार अंक अर्जित किए हों। पदों का आरक्षण आगामी तीन भर्ती विज्ञापनों तक सीमित होगा। यदि विज्ञापित सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ा अधिकारी, ग्रंथपाल की किसी श्रेणी में विज्ञापित रिक्त पदों के लिए पात्र अतिथि आवेदक उपलब्ध नहीं होते है तो उक्त पदों को उसी श्रेणी के गैर अतिथि विद्वान अभ्यर्थियों द्वारा भरा जाएगा।
प्रत्येक अतिथि विद्वानों को एक अकादमिक सत्र के लिए एक वर्ष की गणना करते हुए अतिथि विद्वान नीति 2019 के उपबंधों के अनुसार उनके शैक्षणिक अनुभव के आधार पर भर्ती परीक्षा के लिए आयु सीमा में अधिकतम 10 साल की छूट दी जाएगी। आयु सीमा में यह छूट मध्य प्रदेश सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा निधारित आयु सीमा के अतिरिक्त होगी।