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MP News: प्रदेश में 190 तहसीलदार और प्रभारी डिप्टी कलेक्टर बने डिप्टी कलेक्टर, जीएडी ने जारी किए आदेश

Tue, 07 Jul 2026 07:47 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश सरकार ने 190 तहसीलदारों और प्रभारी डिप्टी कलेक्टरों को पदोन्नत कर डिप्टी कलेक्टर बना दिया है। पदोन्नति के साथ सभी अधिकारियों की नई पदस्थापना भी तय कर दी गई है।
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वल्लभ भवन, भोपाल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राज्य के 190 तहसीलदारों और प्रभारी डिप्टी कलेक्टरों को पदोन्नत कर डिप्टी कलेक्टर बना दिया है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने मंगलवार को इसके आदेश जारी कर दिए। पदोन्नति के साथ सभी अधिकारियों की नई पदस्थापना भी तय कर दी गई है।
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विभाग के आदेश के अनुसार, सभी अधिकारियों को राज्य प्रशासनिक सेवा की कनिष्ठ श्रेणी में पदोन्नत किया गया है। यह पदोन्नति प्रारंभिक रूप से दो वर्ष की परिवीक्षा (प्रोबेशन) अवधि के लिए होगी। पदोन्नत अधिकारियों को पे-बैंड-3 (15,600-39,100) के साथ 5,400 ग्रेड पे का लाभ मिलेगा। सातवें वेतनमान के अनुसार यह पद पे-मैट्रिक्स लेवल-12 के अंतर्गत आएगा, जिससे अधिकारियों के वेतन और अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी होगी।

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जिलेवार पदस्थापना तय
सरकार ने पदोन्नति के साथ ही सभी अधिकारियों की पदस्थापना भी कर दी है। अधिकांश अधिकारियों को उनके वर्तमान जिले में ही डिप्टी कलेक्टर के रूप में पदस्थ किया गया है, जबकि कुछ अधिकारियों का स्थानांतरण दूसरे जिलों में किया गया है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर, रीवा, सतना, रतलाम, खरगोन, बड़वानी सहित कई जिलों के अधिकारी इस सूची में शामिल हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय और विभिन्न विभागों में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी (ओएसडी) या विशेष सहायक के रूप में कार्यरत कुछ अधिकारियों को भी पदोन्नति का लाभ मिला है। उनकी वर्तमान पदस्थापना यथावत रखी गई है। 
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अधीन रहेगी पदोन्नति
सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पदोन्नति सुप्रीम कोर्ट में लंबित एक प्रकरण के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी। यदि भविष्य में न्यायालय की ओर से कोई निर्देश जारी होता है, तो उसका पालन किया जाएगा। साथ ही, इस संबंध में उच्च न्यायालय के लागू आदेश भी प्रभावी रहेंगे। 

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