भगवान श्रीकृष्ण को लेकर कथित विवादित बयान के बाद मौलाना जर्जिस अंसारी एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार भगवान शिव और भगवान ब्रह्मा को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी वाला एक वीडियो सामने आने का दावा किया जा रहा है। वीडियो को लेकर हिंदू संगठनों और संत समाज में नाराजगी है। इसी के विरोध में भोपाल में श्री हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने मौलाना के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। संगठनों का दावा है कि यह वीडियो झारखंड में दिए गए भाषण का है। इसमें मौलाना ने भगवान शिव और भगवान ब्रह्मा को लेकर ऐसी बातें कहीं, जिन्हें हिंदू संगठनों ने धार्मिक भावनाओं का अपमान बताया है। अलग-अलग माध्यमों में इस वीडियो की अवधि और स्थान को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं, इसलिए इसकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
श्रीकृष्ण वाले बयान के बाद फिर विवाद
मौलाना जर्जिस अंसारी इससे पहले भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए कथित बयान से सुर्खियों में आए थे। वायरल वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक की व्याख्या करते हुए श्रीकृष्ण को मुस्लिम और पांच वक्त नमाज पढ़ने वाला बताया था। इस बयान को लेकर देशभर में विरोध हुआ। इस मामले में पानीपत की अदालत ने भी मौलाना को नोटिस जारी किया है और 12 अगस्त 2026 को पेश होने का निर्देश दिया है।
भोपाल में संगठन ने दी खुली चेतावनी
श्री हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कथित बयान पर तीखी आपत्ति जताते हुए कहा कि हिंदू देवी-देवताओं के बारे में बार-बार आपत्तिजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मौलाना जर्जिस अंसारी के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मौलाना भोपाल आए तो उनका संगठन विरोध करेगा और उन्हें मुंह काला कर गधे पर बैठाकर तथा जूतों की माला पहनाकर शहर में घुमाने की कोशिश करेगा।
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वीडियो को लेकर बढ़ा विवाद
भगवान शिव और ब्रह्मा से जुड़ा कथित वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी विरोध तेज हुआ है। लखनऊ में भी इस टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन और पुतला दहन की खबर सामने आई है। हिंदू संगठनों का कहना है कि धार्मिक आस्थाओं से जुड़े ऐसे बयानों पर प्रशासन को तत्काल संज्ञान लेकर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।