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MP: सरकार-संगठन की मैराथन समीक्षा, मंत्रियों को मिला सक्रिय होने का संदेश,2023 में हारी सीटों पर पार्टी की नजर

Mon, 18 May 2026 09:25 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार और संगठन के बीच तालमेल मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और पार्टी नेतृत्व ने मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की। बैठक में मंत्रियों को संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने, जिलों में लगातार दौरे करने और जनता से जुड़ाव मजबूत रखने के निर्देश दिए गए।
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भाजपा का झंडा - फोटो : ANI
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार और संगठन के बीच समन्वय को और मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा नेतृत्व ने मंत्रियों के साथ दो दिन तक लगातार समीक्षा बैठकें कीं। इन बैठकों में मंत्रियों के विभागीय कामकाज, जिलों में सक्रियता, संगठन से तालमेल और जनता के बीच उनकी मौजूदगी को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। बैठकों में संगठन ने मंत्रियों को साफ संदेश दिया कि केवल विभागीय कामकाज ही नहीं, बल्कि राजनीतिक और संगठनात्मक सक्रियता भी उतनी ही जरूरी है। 
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खासतौर पर उन विधानसभा सीटों पर फोकस बढ़ाने के निर्देश दिए गए, जहां भाजपा 2023 के चुनाव में हार गई थी या बहुत कम अंतर से जीत दर्ज कर पाई थी। मंत्रियों से कहा गया कि वे अपने गृह जिलों और प्रभार वाले जिलों में लगातार प्रवास करें और पार्टी कार्यकर्ताओं, सांसदों व विधायकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखें। जानकारी के मुताबिक बैठक में मंत्रियों से यह भी पूछा गया कि उन्होंने अपने विभागों की समीक्षा कितनी बार की और योजनाओं की जमीनी स्थिति जानने के लिए कितने औचक निरीक्षण किए। मुख्यमंत्री ने स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य संस्थानों और गेहूं खरीदी व्यवस्था जैसी योजनाओं की प्रगति पर विशेष जानकारी ली। मंत्रियों को निर्देश दिए गए कि वे फील्ड विजिट बढ़ाएं और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति खुद जाकर देखें।

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बैठक के दौरान भाजपा संगठन ने मंत्रियों की राजनीतिक सक्रियता पर भी सवाल किए। उनसे पूछा गया कि वे पार्टी कार्यकर्ताओं से कितना संवाद करते हैं और जिलों के दौरों के दौरान कितनी संगठनात्मक बैठकें करते हैं। संगठन ने स्पष्ट किया कि सरकार और पार्टी के बीच बेहतर समन्वय ही आने वाले समय में भाजपा की सबसे बड़ी ताकत होगा। इस दौरान कई मंत्रियों ने अधिकारियों की कार्यशैली को लेकर नाराजगी भी जताई। राजनीतिक जानकार मान रहे हैं कि यह बैठक केवल सामान्य समीक्षा नहीं थी, बल्कि संगठन अब मंत्रियों की सक्रियता, जनता से जुड़ाव और संगठनात्मक पकड़ को लेकर अधिक गंभीर नजर आ रहा है। 

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