मध्यप्रदेश में मौसम लगातार बदल रहा है। कुछ दिन पहले कड़ाके की सर्दी थी, अब तापमान में उछाल रहा। वहीं एक-दो दिन में बादल छाएंगे, कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना भी बन रही है। जिसे स्थानीय लोग मावठा कहते हैं। बताया जाता है कि मावठा गिरने के बाद
ठंड में तेजी आती है। प्रदेश में सबसे ठंडा नौगांव रहा। अधिकतम तापमान एक बार फिर 30 डिग्री तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग की बात करें तो तापमान में उछाल रहा है। रात का पारा कई जगह साढ़े पांच डिग्री तक उछला है। एक दिन पहले न्यूनतम पारा 5 डिग्री तक पहुंचा था, वही अब साढ़े 6 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश में सबसे ठंडा नौगांव रहा। यहां 6.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। उमरिया में 7, खजुराहो में 8, रीवा में 8.4, नरसिंहपुर-दतिया में 8.6, ग्वालियर में 9, पचमढ़ी-रायसेन में 9.2, बैतूल में 9.5, सतना में 9.9 डिग्री न्यूनतम तापमान रहा।
दिन का पारा भी उछाल भर रहा है। अधिकतम तापमान एक बार फिर 30 डिग्री तक पहुंच गया है। प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म मंडला में रहा। मंडला में 30.6, छिंदवाड़ा में 29.4, खरगोन में 29, दमोह-सीधी में 28.6, खंडवा में 28.5, गुना में 28.4, उमरिया में 28.3, नर्मदापुरम में 28, सतना में 27.8, बैतूल-भोपाल-जबलपुर में 27.5, रीवा-सागर में 27.2 डिग्री अधिकतम तापमान रहा।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो मौसम फिर बदला है। तापमान में बढ़ोतरी हुई है। सुबह के समय हवाओं में अब भी ठंडक है। अगले दो दिन में बादलों के कारण मध्य प्रदेश में न्यूनतम तापमान में तीन डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है। रविवार को मध्य प्रदेश के अधिकतर जिलो में बादल छा सकते हैं। सोमवार-मंगलवार को जबलपुर, नर्मदापुरम, इंदौर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा होने की भी संभावना है। फिलहाल एक पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ के रूप में पाकिस्तान और उससे लगे जम्मू-कश्मीर पर एक्टिव है। इसके असर से उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा के आसार बने हुए हैं। उधर वेल्लूर के पास बने अवदाब के क्षेत्र के और कमजोर पड़कर कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होने की संभावना है। यह मौसम प्रणाली कर्नाटक की तरफ बढ़ रही है।
सागर: कोहरे की चादर
रविवार सुबह सागर के कई मुख्य मार्गों पर घना कोहरा छाया हुआ था और आलम यह था कि सामने से आने वाला वाहन भी दिखाई नहीं दे रहा था। सड़क पर चलने वाले वाहन अपनी हेडलाइट जलाकर ही चल रहे थे। दमोह सागर स्टेट हाईवे पर सरदार वल्लभभाई पटेल ओवर ब्रिज के चारों ओर घना कोहरा छाया हुआ था। इसी तरह दमोह जबलपुर स्टेट हाईवे पर भी चारों ओर घना कोहरा छाया हुआ था और सामने कुछ नहीं दिखाई दे रहा था।