मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। मानसून मेहरबान है। पूरे प्रदेश में ही बारिश हो रही है। तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 6 डिग्री तक गिरा है तो रात का पारा भी ढाई डिग्री तक की कमी आई है। प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं अति भारी बारिश की संभावना है। यहां से तीन से आठ इंच तक बारिश हो सकती है। इसके लिए विभाग ने ऑरेंज अलर्ट की चेतावनी जारी की है।
मौसम केंद्र की रिपोर्ट कहती है कि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के रीवा, जबलपुर, शहडोल, उज्जैन, नर्मदापुरम, भोपाल एवं इंदौर संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर, सागर संभाग के जिलों में अनेक स्थानों पर, ग्वालियर संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर तथा चंबल संभाग के जिलों में कहीं-कहीं वर्षा दर्ज की गई। भैसदेही में 24, सोनकच्छ में 17, सैलाना, जैसीनगर में 15, जावर, नागदा, बेगमगंज, रतलाम में 13, शमशाबाद, रेहली में 12, बिरसा, ढीमरखेड़ा, बाजना, नरसिंहगढ़ में 11, आगर, खातेगांव, सिमरिया में 10 सेंटीमीटर तक पानी गिरा है।
अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान कहता है कि शहडोल, जबलपुर, सागर, रीवा, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, भोपाल, चंबल तथा ग्वालियर संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग ने ऑेरेंज और यलो अलर्ट भी जारी किया है।
ऑरेंज अलर्ट बता रहा है कि इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं अति भारी बारिश की संभावना है। यहां से तीन से आठ इंच तक बारिश हो सकती है। यलो अलर्ट के मुताबिक भोपाल, शहडोल संभागों के जिलों में श्योपुरकलां, छतरपुर एवं सागर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। यहां ढाई से चार इंच तक पानी गिर सकता है। इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, भोपाल, शहडोल, जबलपुर, सागर, रीवा, चंबल, ग्वालियर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ बिजली चमकने-गिरने की आशंका भी जताई जा रही है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने वाले पांच वेदर सिस्टम एक्टिव हैं। बंगाल की खाड़ी में ऊपरी चक्रवात गहराया हुआ है। ओडिशा में बना अवदाब का क्षेत्र कम दबाव के क्षेत्र में परिवर्तित होकर वर्तमान में पूर्वी मध्य प्रदेश पर सक्रिय है। कम दबाव का क्षेत्र बनने से प्रदेश में नमी बढ़ रही है। प्रदेश में मौजूम मानसून ट्रफ भी असर डाल रहा है। जानकारों की मानें तो अगला हफ्ता भी बारिश के बीच ही बीतेगा।