मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी है। अगले दो-तीन में प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना बन रही है। बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने से ऐसे हालात निर्मित हो सकते हैं। बारिश से तापमान में भी गिरावट हो रही है। प्रदेश के 18 जिलों में अधिकतम तापमान 30 के नीचे बना हुआ है। रात का पारा लगभग स्थिर है।
मौसम केंद्र की रिपोर्ट कहती है कि पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के रीवा, जबलपुर, शहडोल, सागर एवं नर्मदापुरम संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, चंबल संभागों के जिलों में अनेक स्थानों पर तथा उज्जैन संभाग के जिलों में कुछ स्थानों पर वर्षा दर्ज की गई। शिवपुरी में 21, पौहरी में 18, करहल में 16, करेरा, हनुमना में 9, पथरिया में 8, निवास, बीजाडांडी, जबलपुर, श्योपुरकलां में 7, पिछोर, कोलारस, गोरमी, नरवर, टीकमगढ़, सागर, नारायणगंज, बालाघाट में 5 सेंटीमीटर तक पानी गिरा है।
अगले 24 घंटों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान बता रहा है कि शहडोल, जबलपुर, सागर, रीवा, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, भोपाल, चंबल, ग्वालियर संभागों के जिलों में अधिकांश स्थानों पर वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती है।
मौसम विभाग का ऑरेंज अलर्ट बता रहा है कि शहडोल, जबलपुर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं अति भारी बारिश तथा कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। वहीं यलो अलर्ट बता रहा है कि ग्वालियर, चंबल, नर्मदापुरम संभागों के जिलों में पन्ना, छतरपुर, दमोह, सागर, सीहोर जिलों में कहीं-कहीं अति बारिश की संभावना है। शहडोल, जबलपुर, सागर, रीवा, भोपाल, चंबल, ग्वालियर संभागों के जिलों में कहीं-कहीं वज्रपात की आशंका भी बताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो कई जगहों पर रुक-रुककर वर्षा का दौर चल रहा है। इसके पीछे बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव क्षेत्र का असर बताया जा रहा है। मानसून ट्रफ के प्रदेश से गुजरने से नमी बनी हुई है। ये सिस्टम 17 अगस्त एक्टिव रह सकता है, जिससे कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।