मध्य प्रदेश में शुरुआती चार चरणों में 29 लोकसभा सीटों के लिए मतदान हो चुका है। अब चार जून का इंतजार है, जब इलेक्ट्रॉनिक वोट मशीनें (EVM) नतीजे उगलेंगी। जानिए प्रक्रिया क्या होगी और कहां से सबसे पहले नतीजे आ सकते हैं?
मध्य प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों पर मतदान शुरुआती चार चरणों में हो चुका है। इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVMs) हर जिले में बनाए गए स्ट्रॉन्ग रूम में सुरक्षित हैं और अब चार जून का इंतजार है, जब इन मशीनों में पड़े वोटों की गिनती होगी। लोकसभा सीटों पर विधानसभा क्षेत्रों के हिसाब से काउंटिंग होगी। 52 जिलों में स्ट्रॉन्ग रूम बनाए गए हैं, जहां वोटों की गिनती होगी। भिंड लोकसभा सीट के परिणाम सबसे पहले और खजुराहो लोकसभा सीट के नतीजे सबसे देरी से आ सकते हैं।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक प्रदेश के 52 जिला मुख्यालयों पर स्ट्रांग रूम बने हैं, जहां ईवीएम रखी गई हैं। मतगणना के दिन सुबह सात बजे ऑब्जर्वर और प्रत्याशियों या उनके प्रतिनिधियों की मौजूदगी में स्ट्रॉन्ग रूम को खोला जाएगा। जहां टेबल की संख्या के अनुसार कंट्रोल यूनिट (EVM) को कर्मचारी निकालकर पहले से तय टेबल पर रखेंगे। हर टेबल पर तीन अधिकारी- माइक्रो ऑब्जर्वर, काउंटिंग सुपरवाइजर और काउंटिंग असिस्टेंट बैठेंगे। चौथी तरफ जाली के बाहर प्रत्याशियों के एजेंट मौजूद रहेंगे। उन्हें कंट्रोल यूनिट लाने पर उसका पोलिंग बूथ का एड्रेस और नंबर दिखाया जाएगा, जिसकी एक कॉपी पहले से उनके पास होगी। इसमें यह दर्ज होगा कि कौन-सी मशीन किस मतदान केंद्र की है। इसके बाद हर ईवीएम की सील को खोला जाएगा। यूनिट के ऑन होते ही वह बताएगी कि किस प्रत्याशी को कितने वोट मिले।
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4 जून को आएंगे मतगणना के नतीजे
- फोटो : अमर उजाला
मतदान के दिन पीठासीन अधिकारी ने मशीन को क्लोज कर दिया था। इसके बाद कोई वोट नहीं डल सकता। माइक्रो ऑब्जर्वर यूनिट में रिजल्ट का बटन दबाएंगे। इसके बाद मशीन प्रोसेस कर उम्मीदवारों की जानकारी, वोटिंग शुरू और खत्म होने की जानकारी देगी। फिर उम्मीदवारों को मिले वोटों की जानकारी सामने आएगी। यह जानकारी एक प्रोफॉर्मा में दर्ज किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों के एजेंट्स से हस्ताक्षर लिए जाएंगे। रिटर्निंग अधिकारी को प्रोफॉर्मा भेजा जाएगा। एक विधानसभा क्षेत्र में जितनी टेबल काउंटिंग के लिए लगी होंगी, उन पर एक साथ गणना होगी। जब सभी टेबल पर काउंटिंग हो जाएगी, तब उसे एक राउंड की काउंटिंग माना जाएगा। यदि किसी विधानसभा में 14 टेबल हैं और वहां 280 बूथ है तो काउंटिंग 20 राउंड में पूरी होगी।
खजुराहो सीट के पवई में 24 राउंड
खजुराहो लोकसभा क्षेत्र में पन्ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र में 24 राउंड की गणना होगी। सबसे कम 11 राउंड की गणना भिंड लोकसभा क्षेत्र में दतिया जिले की सेवड़ा विधानसभा सीट पर होगी। हर विधानसभा में मतगणना के लिए 14 से अधिकतम 28 टेबल लगाई जाएंगी। सबसे ज्यादा 28 टेबल बालाघाट लोकसभा क्षेत्र के सिवनी जिले की सिवनी विधानसभा में लगेंगी। मंडला के केवलारी, लखनादौन और विदिशा लोकसभा क्षेत्र में आने वाली सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा में भी 28 टेबल लगेंगी। इसी तरह बालाघाट विधानसभा में 26 टेबल लगेंगी। अन्य स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार 14 से 26 टेबलें लगेंगी।
सबसे पहले बैलेट पेपर की काउंटिंग
सबसे पहले विधानसभावार बैलेट पेपर की काउंटिंग होगी। बैलेट पेपर की काउंटिंग संबंधित जिला मुख्यालय पर ही होगी। सुबह आठ बजे बैलेट पेपर की काउंटिंग शुरू होगी। इसके बाद ईवीएम से मतों की गणना शुरू की जाएगी। नए बने जिलों में व्यवस्था नहीं होने से अभी वहां पर स्ट्रांग रूम नहीं बनाए गए है।
ऐसी होगी मतगणना
प्रदेश में 29 लोकसभा सीटों के लिए 29 रिटर्निंग अधिकारी बनाएं गए है। यह अधिकारी जिला मुख्यालय के मतगणना स्थल पर बैठेंगे। बाकी जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर और सहायक निर्वाचन अधिकारी विधानसभा अनुसार मतगणना कराकर संबंधित लोकसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर को विधानसभा अनुसार वोटिंग की जानकारी भेजेंगे।