कूनो नेशनल पार्क में चीता शवकों की मौत का मामला।
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मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में दो चीता शावकों की मौत की कहानी उलझी हुई है। यह सवाल अब भी बरकरार है कि आखिर शावकों की मौत कैसे हुई है? बाड़ा कहीं से टूटा नहीं है, उसमें किसी अन्य जानवर के घुसने के सबूत भी नहीं मिले हैं। ऐसे में शावकों की मां निर्वा की ही भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। माना जा रहा है कि निर्वा ने ही अपने शावकों को मार दिया। अगर, ऐसा है तो यह दुर्लभ घटना होगी, क्योंकि चीता समेत बिल्ली प्रजाति के अन्य जानवर अपने बच्चों को मारने के लिए नहीं जाने जाते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि अगर, निर्वाह ने ऐसा किया है तो क्यों?
दरअसल, दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता निर्वा ने 22 नवंबर को चार शावकों को जन्म दिया था। तीन दिन बाद 25 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा कर खुशी जाहिर की थी। निर्वा के शावकों के जन्म के बाद कूनो नेशनल पार्क में 12 शावक और 12 वयस्क चीते हो गए थे। उधर, शावकों के जन्म के बाद वन विभाग की टीम मादा चीता निर्वा की लगातार निगरानी रही थी। 27 नवंबर को टीम को चीता निर्वा अपनी मांद से दूर भटकती नजर आई। ऐसे में वन विभाग की टीम ने मांद का निरीक्षण किया तो वहां दो शावकों के शव क्षत-विक्षत पड़े हुए थे। इसके बाद शावकों की मौत की जानकारी सामने आई और फिर इसकी जांच शुरू की गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आएगा मौत का सही कारण
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीता निर्वा की मांद में मिले शावकों के शव पूरी तरह से क्षत-विक्षत थे। एक शावक का सिर कटा हुआ था और दूसरे के कई टुकड़े किए गए थे। शावकों की मौत को लेकर अधिकारियों ने जांच की। लेकिन, इस दौरान बाड़े में किसी और के घुसने के कोई सबूत नहीं मिले। बाड़ा कहीं से टूटा हुआ भी नहीं है। एक अधिकारी ने कहा- ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे पता चले कि तेंदुए या सियार ने बाड़ को तोड़ा हो। ऐसे में हमें शक है कि शावकों की मौत में निर्वा का ही हाथ हो सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अभी जांच की जा रही है। शावकों की मौत का कारण जानने के लिए शव परीक्षण (पोस्टमार्टम) भी किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असल वजह सामने अएगी।
शावकों के साथ क्या करना है नहीं पता होता
दुनिया के मशहूर चीता विशेषज्ञ लॉरी मार्कर ने कहा कि पहली बार मां बनने वाली मादा चीता अक्सर नहीं जानती हैं कि उन्हें अपने शावकों के साथ क्या करना है। ऐसे में उनकी मृत्यु हो सकती है। उन्हें नहीं पता होता कि शावक उनके बच्चे हैं।