प्रदेश में सरकारी बस सेवा शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। परिवहन विभाग पहले चरण में 40 लंबे रूटों पर बसें चलाने की योजना बना रहा है। इन बसों में आधुनिक ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा, जिससे यात्रियों को मोबाइल ऐप के जरिए हर 5 से 10 सेकंड में बस की लाइव लोकेशन और अनुमानित आगमन समय की जानकारी मिलेगी। योजना के तहत शुरुआत इंदौर संभाग से होने की संभावना है। इसके बाद अन्य संभागों में भी चरणबद्ध तरीके से बस सेवा का विस्तार किया जाएगा। सरकार ने ऐसे प्रमुख मार्गों का चयन किया है, जो शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर तरीके से जोड़ते हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए सभी बसों में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। यह सिस्टम बस की स्थिति, गति और तय समय की जानकारी सीधे राज्य परिवहन के कंट्रोल सेंटर तक पहुंचाएगा। यही जानकारी मोबाइल एप्लीकेशन पर भी उपलब्ध रहेगी, ताकि यात्रियों को बस के इंतजार में अनावश्यक परेशानी न हो।
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सरकारी कंपनी करेगी संचालन
इन सरकारी बसों का संचालन मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं सड़क सुरक्षा लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा। निजी बस संचालकों को भी निर्धारित शर्तों के तहत इन मार्गों पर संचालन की अनुमति दी जाएगी। योजना में सामान्य और इंटरसिटी दोनों तरह के रूट शामिल किए गए हैं। सामान्य रूटों पर मिडी बसें चलाई जाएंगी, जिनमें लगभग 23 से 34 सीटें होंगी। वहीं, इंटरसिटी मार्गों पर 35 से 70 सीटों वाली बड़ी बसें संचालित होंगी। यात्रियों की जरूरत के अनुसार डीलक्स, सेमी डीलक्स, लग्जरी और सुपर लग्जरी श्रेणी की बसें भी उपलब्ध रहेंगी।
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इन जिलों में पहले चलेगी बसें
पहले चरण में जिन प्रमुख जिलों को इस योजना में शामिल किया गया है, उनमें इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, छिंदवाड़ा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, रतलाम, धार, नीमच, मंदसौर, शिवपुरी, गुना, शाजापुर, देवास, सीहोर और नरसिंहपुर सहित अन्य जिले शामिल हैं। इन जिलों को जोड़ने वाले 40 प्रमुख इंटरसिटी मार्गों पर बस सेवा शुरू की जाएगी।