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MP Election 2023: डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे को मिली जमानत, बाहर आते ही बच्चे को लगाया गले

Tue, 10 Oct 2023 09:23 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

MP Election 2023: भोपाल सेंट्रल जेल में बंद डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे को मंगलवार शाम जमानत मिल गई। इसके बाद उनके परिजन उन्हें लेने जेल पहुंचे और रिहा करवाया। अब आगे की रणनीति क्या होगी, इस पर निशा, उनके परिवार वाले और समर्थक विचार कर रहे हैं। मंथन के बाद ही वे अगला कदम उठाएंगे।
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निशा बांगरे को मिली जमानत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्यप्रदेश में डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे को मंगलवार शाम को जमानत मिल गई। इसके बाद उन्हें देर रात जेल से रिहा कर दिया गया। निशा को सोमवार को भोपाल पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद विशेष कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया, जहां उन्होंने जमानत लेने से इनकार कर दिया था। निशा को जेल भेज दिया गया था, आज यानी मंगलवार को उन्हें विशेष कार्यपालिक मजिस्ट्रेट की ही कोर्ट से जमानत दे दी गई।

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जानकारी के अनुसार, बांगरे को 10 हजार के मुचलके पर जमानत दी गई है। निशा ने जेल से बाहर आते ही सबसे पहले आपने तीन वर्षीय बच्चे को गले लगाया। उसे गोद में लेकर लाड किया। निशा ने कहा, लोकतंत्र की इस लड़ाई में जनता मेरे साथ है। लोकतंत्र को बचाने जो भी रास्ता अपनाना होगा हम अपनाएंगे।

बताते चलें, निशा बांगरे डिप्टी कलेक्टर के पद से इस्तीफा दे चुकी हैं, लेकिन तीन महीने से भी अधिक का समय बीत जाने के बावजूद सरकार ने उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया है। इस्तीफा स्वीकार करवाने के लिए निशा ने आमला से भोपाल तक की पैदल न्याय यात्रा निकाली। सोमवार को वे जब अपने समर्थकों के साथ भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचीं तो उसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। वे आमरण अनशन करने सीएम हाउस की तरफ बढ़ रहीं थीं। निशा आमला विधानसभा से चुनाव लड़ना चाहती हैं, इसके लिए उन्होंने अपना इस्तीफा दिया है।
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इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने करीब एक दर्जन समर्थकों को हिरासत में लिया था, जिन्हें शाम को छोड़ दिया गया। लेकिन पुलिस ने बांगरे पर धारा-151, 107 और 116 में कार्रवाई कर उन्हें पुलिस कमिश्नर ऑफिस ले जाया गया। जहां जमानत की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण लालघाटी स्थित केंद्रीय जेल भेज दिया गया।

जून में दे चुकी हैं इस्तीफा
इसी साल जून में डिप्टी कलेक्टर पद से निशा बांगरे ने त्याग पत्र प्रमुख सचिव राजस्व विभाग को भेजा था। विभाग से बैतूल जिले के आमला स्थित अपने मकान के गृहप्रवेश और सर्वधर्म प्रार्थना सम्मेलन में शामिल होने के लिए छुट्टी मांगी थी, लेकिन विभाग ने छुट्टी देने से मना कर दिया। छुट्टी नहीं मिलने की वजह से इस्तीफा दे दिया था। लेकिन इस्तीफा सरकार ने मंजूर नहीं किया।

निशा बांगरे ने पद से दिए इस्तीफा को मंजूर कराने के लिए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बांगरे ने त्याग पत्र मंजूर करवाने के लिए आमला से भोपाल तक न्याय यात्रा शुरू कर दी। अपने हक अधिकारों की बात करते हुए हाथ में संविधान की किताब लिए हुई पैदल भोपाल तक यात्रा कर रही थीं।

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