संगठन द्वारा पूर्व में किया गया प्रदर्शन
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महंगाई भत्ते के बकाया भुगतान, एरियर और शिक्षकों की लंबित पदोन्नति को लेकर प्रदेश के अधिकारी-कर्मचारी, शिक्षक और पेंशनर्स 4 नवंबर को भोपाल में प्रदर्शन करेंगे। मध्यप्रदेश अधिकारी कर्मचारी पेंशनर्स संयुक्त मोर्चा ने सतपुड़ा भवन के सामने प्रदर्शन की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि लंबित वित्तीय लाभों का भुगतान नहीं होने और पदोन्नति की प्रक्रिया अटकी रहने से कर्मचारियों तथा शिक्षकों में असंतोष है। संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष एमपी द्विवेदी और प्रदेश उपाध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान लंबित 2 प्रतिशत महंगाई भत्ते, पहले घोषित 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते के एरियर और शिक्षक संवर्ग की पदोन्नति सहित अन्य मांगें उठाई जाएंगी। संगठन ने प्रदेशभर के कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनर्स से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
केंद्रीय और राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत का अंतर
मोर्चा के पदाधिकारियों के अनुसार, केंद्रीय कर्मचारियों को 60 प्रतिशत और राज्य कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलने की स्थिति में राज्य कर्मचारियों का शेष 2 प्रतिशत महंगाई भत्ता लंबित है। संगठन ने इसके भुगतान की मांग की है। इसके अलावा पहले घोषित 3 प्रतिशत महंगाई भत्ते का एरियर भी कई जिलों में कर्मचारियों को नहीं मिलने की बात कही गई है। भोपाल जिले के फंदा विकासखंड के शिक्षकों का एरियर लंबित होने का मुद्दा भी संगठन ने उठाया है। मोर्चा का कहना है कि कर्मचारियों के बकाया वित्तीय लाभों का भुगतान प्राथमिकता से किया जाना चाहिए।
टीईटी के कारण पदोन्नति अटकने का मुद्दा उठाएंगे शिक्षक
प्रदर्शन में शिक्षकों की पदोन्नति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया जाएगा। उपेन्द्र कौशल ने कहा कि टीईटी परीक्षा के कारण शिक्षकों की पदोन्नतियां लंबित हैं। लगातार सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षकों को आशंका है कि प्रक्रिया में देरी के कारण वे पदोन्नति के लाभ से वंचित रह सकते हैं।
कौशल के अनुसार, अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ओर से आश्वासन मिलने के बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इससे शिक्षक संवर्ग में निराशा है। संगठन ने शासन और शिक्षा विभाग से पदोन्नति सहित सभी लंबित समस्याओं का समयबद्ध निराकरण करने की मांग की है।
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4 नवंबर को सतपुड़ा भवन के सामने प्रदर्शन
संयुक्त मोर्चा ने कहा है कि अधिकारी-कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनर्स की मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाई जाएगी। संगठन ने सभी वर्गों से एकजुट होकर प्रदर्शन में भाग लेने की अपील की है, ताकि शासन का ध्यान लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया जा सके।