सीएम यादव एक्शन लेने में देर नहीं करते
सरकार के एक साल पूरे होने पर वरिष्ठ पत्रकार अजय बोकिल कहते हैं,'सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपने एक साल के कार्यकाल में यह मैसेज दिया है कि वे बहुत सख्त प्रशासक हैं। वे किसी की शिकायत पर एक्शन लेने में देर नहीं करते हैं। मुख्यमंत्री ने तत्काल एक्शन लेकर यह मैसेज दिया है कि सरकार सजग और संवेदनशील है। मोहन यादव के सामने सबसे बड़ी चुनौती शिवराज की छाया से बाहर निकलना थी। उन्होंने यह मैसेज दिया है कि उनका राज शिवराज से अलग हैं। इसमें वे काफी हद तक सफल रहे हैं।'
न्यायपूर्ण जांच की भी आवश्यकता
सेवानिवृत्त आईएफएस एके भट्टाचार्य ने कहा- 'मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लापरवाही पर त्वरित कार्रवाई करना उनकी इमेज के लिए अच्छा है। घटना या अपराध पर त्वरित एक्शन से जनता में अच्छा मैसेज जाता है।' उन्होंने कहा कि त्वरित कार्रवाई के साथ-साथ न्यायपूर्ण जांच की भी आवश्यकता है, ताकि निर्दोष व्यक्तियों के साथ अन्याय न हो। साथ ही घटनाओं को रोकने के लिए एक सिस्टम डेवलप करें, जिससे दोबारा घटना या अपराध न हो'।
डीएम-एसपी समेत परिवहन विभाग के अधिकारियों को हटाया
दिसंबर 2023 में गुना में हुए बस हादसे के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बिना देर किए कड़े कदम उठाए। उन्होंने जिले के कलेक्टर तरुण राठी और एसपी विजय खत्री को हटा दिया । साथ ही परिवहन आयुक्त संजय झा को भी पद से हटा दिया। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी रवि बरेलिया और नगर निगम के सीएमओ बीडी कतरोलिया को सस्पेंड किया गया। वहीं परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह को प्रभार से मुक्त कर दिया गया था। उस समय गुना-आरोन रोड पर बस, एक डंपर से टकरा गई थी। बस में आग लगने से 13 लोगों की मौत हो गई थी। 16 लोग घायल हो गए थे। बस में 35 लोग सवार थे। सीएम यादव ने इस हादसे के बाद अधिकारियों को यह स्पष्ट संदेश दिया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन में सुधार के लिए यह कदम जरूरी था।
शाजापुर कलेक्टर पर 'औकात' वाले बयान पर कार्रवाई
जनवरी 2024 में शाजापुर के कलेक्टर किशोर कन्याल का 'औकात' वाला बयान भी सीएम की सख्त कार्रवाई की लिस्ट में शामिल है। इस मामले में विवाद बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री ने कलेक्टर से जवाब मांगा और त्वरित कार्रवाई कर उन्हें हटा दिया। दसरसल, बस-ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल के दौरान एक बैठक में कन्याल और ड्राइवर्स के बीच गहमा-गहमी हो गई थी। इस दौरान उन्होंने ड्राइवर से कहा था कि समझ क्या रखा है? क्या करोगे तुम, तुम्हारी औकात क्या है? इसको वीडियो वायरल हो गया। जिसके बाद उन पर कार्रवाई हुई।
चूजे हैं ये, अंडे से निकले नहीं..., तहसीलदार को हटाया
जनवरी 2024 में देवास में किसानों से अभ्रद भाषा में बात करने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिला तहसीलदार अंजली गुप्ता को भी हटा दिया था। दरअसल, जनवरी माह में देवास के सोनकच्छ के पास कुमारिया राव गांव में खेत में फसल के बीच खंभे लगाने को लेकर किसान और तहसीलदार आमने-सामने आ गए। किसान के बेटे ने तहसीलदार से अंग्रेजी में यू आर रिस्पॉसिबल (आप जिम्मेदार हैं) कह दिया। इस पर तहसीलदार भड़क गईं और कहा- चूजे हैं ये, अंड़े से निकले नहीं और बड़ी-बड़ी मारने लगे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद सीएम यादव के निर्देश पर तहसीलदार पर एक्शन लिया गया था।
जूते के फीते बंधवाने पर एसडीएम पर गिरी गाज
सिंगरौली के चितरंगी में फरवरी 2024 में एसडीएम असवन राम चिरावन को एक महिला से जूते के फीते बंधवाने पर मुख्यमंत्री के आदेश पर हटा दिया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना को अत्यंत निदनीय बताते हुए लिखा था, हमारी सरकार में नारी सम्मान सर्वोपरि है। बता दें कि एसडीएम का महिला कर्मचारी से जूते के फीते बंधवाने का वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई है।