मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। सरकार ने करीब 10,800 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी दी। इनमें शहरों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, सिंचाई परियोजना जारी रखने, मूंग खरीदी के लिए सरकारी गारंटी देने और टेक-होम राशन व्यवस्था में बदलाव जैसे फैसले शामिल हैं।
ये भी पढ़ें-
MP News: मंत्री बनाम ब्यूरोक्रेसी! ट्रांसफर को लेकर मंत्री ने CM-CS से की शिकायत, सचिव से मांगा गया जवाब
महिला एवं बाल विकास विभाग संभालेगा टेक-होम राशन
कैबिनेट ने टेक-होम राशन (टीएचआर) के उत्पादन और वितरण की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश राज्य आजीविका फोरम से वापस लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंप दी है। यह फैसला तुरंत लागू होगा। नई व्यवस्था पूरी तरह लागू होने तक विभाग स्व-सहायता समूहों के जरिए पूरक पोषण आहार उपलब्ध कराएगा। जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार के नए दिशा-निर्देश आने तक अल्पकालीन टेंडर के माध्यम से भी राशन की व्यवस्था की जा सकेगी। बाद में केंद्र के नए नियमों के अनुसार स्थायी व्यवस्था बनाई जाएगी।
ये भी पढ़ें-
MP: कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के शपथ पत्र में क्या-क्या? 19.38 करोड़ की संपत्ति, 3 केस और लाइसेंसी रायफल
क्या है टेक होम राशन
टेक होम राशन में तीन माह से 6 वर्ष के तक के बच्चों को पोषण आहर उपलब्ध कराया जाता है। आजीविका फोरम के कामकाज में गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे थे, जिसके बाद सरकार ने महिला एवं बाल विकास विभाग को यह काम सौंपने का निर्णय लिया है।
ये भी पढ़ें-
दतिया उपचुनाव: घनश्याम और आशुतोष में होगा दिलचस्प मुकाबला, एक को छवि का भरोसा तो दूसरे को सत्ता और संगठन का
कुंडालिया सिंचाई परियोजना जारी रहेगी
राजगढ़ जिले की कुंडालिया वृहद सिंचाई परियोजना को अगले पांच साल तक जारी रखने का फैसला भी कैबिनेट ने किया है। इसके लिए 245.45 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यह परियोजना राजगढ़ और आगर-मालवा जिले के करीब 1.39 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा विकसित करने के उद्देश्य से बनाई गई है।
मूंग खरीदी के लिए सरकारी गारंटी
सरकार ने रबी सीजन 2023-24 में लक्ष्य से अधिक खरीदी गई मूंग के भुगतान की व्यवस्था बनाए रखने के लिए 1,587 करोड़ रुपये की सरकारी गारंटी देने का फैसला किया है। इसमें 396 करोड़ रुपये की गारंटी पंजाब नेशनल बैंक से ली गई साख सीमा के लिए और 1,191 करोड़ रुपये की गारंटी भारतीय स्टेट बैंक से ली गई साख सीमा के लिए दी जाएगी। इससे किसानों से खरीदी गई मूंग के भुगतान और वित्तीय व्यवस्था में आसानी होगी।
शहरों के विकास के लिए 8,445 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने अगले पांच वर्षों के लिए 8,445 करोड़ रुपये की मंजूरी नगरीय अधोसंरचना विकास के लिए दी है। यह राशि नगर निगम, नगर पालिका और नगर परिषदों में सड़क, नाली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास पर खर्च होगी। इसके अलावा स्थानीय निकायों द्वारा विकास कार्यों के लिए लिए गए ऋण के भुगतान में भी इस राशि का उपयोग किया जाएगा।
वाणिज्यिक कर विभाग के लिए 521 करोड़ रुपये
कैबिनेट ने वाणिज्यिक कर विभाग के मुख्यालय, जिला और परिक्षेत्रीय कार्यालयों के संचालन के लिए अगले पांच वर्षों में 521.04 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी है। इस राशि से कर्मचारियों के वेतन-भत्ते, कार्यालय संचालन, तकनीकी सेवाओं के भुगतान और कार्यालयों में मशीन, फर्नीचर तथा वाहनों के रखरखाव का खर्च उठाया जाएगा।
जीएसटी अपीलीय बोर्ड बनेगा
अपील का अधिकारी के फैसले को चुनौती देने के लिए कैबिनेट ने राज्य में जीएसटी अपीलीय बोर्ड के गठन को मंजूरी दी। इसके साथ ही जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) से जुड़े प्रावधानों को सरल बनाने का भी निर्णय लिया गया। इसमें पूराने चीजें मांगी जाती थी। अब व्यापारियों को प्रक्रिया में आसानी हो सके।
पंचायतों के लिए 'दृष्टि' पोर्टल का शुभारंभ
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट बैठक में 'दृष्टि' पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने विकसित किया है। इस पोर्टल के जरिए प्रदेश की 23 हजार ग्राम पंचायतों की लेखा व्यवस्था पूरी तरह डिजिटल होगी। हर महीने की 5 तारीख तक पंचायतों का वित्तीय डेटा पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और निगरानी दोनों मजबूत होंगी। इसके अलावा पंचायतों के करों की वसूली भी अब ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से की जा सकेगी। ऑडिटर पोर्टल पर ही पूरा ऑडिट कर सकेंगे।