आज यानी मंगलवार को मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर तारीख सामने आ गई। प्रदेश की दो सीटों बुधनी और विजयपुर में चुनाव होंगे। दोनों ही प्रमुख पार्टियां इसे लेकर पूरा जोर लगा रही हैं। इसमें से एक सीट विजयपुर पहले कांग्रेस के पास तो बुधनी भाजपा के पास थी। हालांकि, कांग्रेस विधायक के भाजपा में शामिल होने के बाद ही विजयपुर में यहां उपचुनाव होना है।
बता दें कि मध्यप्रदेश की बुधनी (सीहोर) और विजयपुर (श्योपुर) विधानसभा सीट पर उपचुनाव की तारीखों का एलान कर दिया गया है। मुख्य चुनाव आयोग ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर महाराष्ट्र और झारखंड विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान करने के साथ ही मध्यप्रदेश की इन दोनों सीटों पर होने वाले चुनाव की तारीख भी घोषित कर दी है। विजयपुर और बुधनी सीट पर 13 नवंबर को चुनाव होंगे, जबकि 23 नवंबर को रिजल्ट घोषित किया जाएगा।
जानें बुधनी सीट के बारे में
बुधनी विधानसभा क्षेत्र से पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान निर्वाचित हुए थे। अब विदिशा संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित होने के बाद उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया था। इसके कारण सीट खाली हो गई।
जानें विजयपुर सीट के बारे में
विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक रामनिवास रावत ने भाजपा की सदस्यता ले ली और मंत्री बनाए जाने के बाद विधानसभा की सदस्यता से त्याग पत्र दे दिया था। इस वजह से यहां उपचुनाव हो रहे हैं।
कांग्रेस-भाजपा की क्या तैयारी
प्रदेश की दोनों सीटें जीतने के लिए भाजपा और कांग्रेस ने कमर कस ली है। विजुयपुर में तो भाजपा की तरफ से लगभग रामनिवास रावत ही प्रत्याशी रहेंगे। वहीं, बुधनी में शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान सहित कई नाम चर्चा में हैं। सीएम मोहन यादव औ शिवराज सिंह चौहान सीट पर जीत का सिलसिला बरकरार रखने के लिए जोर लगा रहे हैं। वहीं, कांग्रेस ने दोनों सीटों पर मंथन शुरू कर दिया है। कार्यकर्ताओं से रायशुमारी के बाद ही वहां नाम तय किए जाएंगे। जीतू पटवारी ने दोनों सीटों के लिए अलग-अलग टीम बना दी है। जो वहां जाकर लगातार बैठकें कर कार्यकर्ताओं में जोश भर रहे हैं।
विधानसभा में किसके पास कितनी सीटें
मध्यप्रदेश में बीते विधानसभा चुनाव में भाजपा के पास 163 तो कांग्रेस के पास 66 सीटें थीं। कांग्रेस के तीन विधायक भाजपा में शामिल हो गए। अमरवाड़ा से कमलेश शाह, विजयपुर से रामनिवास रावत, बीना से निर्मला सप्रे। अमरवाड़ा में उपचुनाव के बाद कमलेश शाह जीत गए, ये सीट भी भाजपा के पास चली गई। विजयपुर में अब उपचुनाव होना हैं। बीना में कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे ने भाजपा की सदस्यता तो ले ली, पर अभी तक विधायकी से इस्तीफा नहीं दिया है।