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एमपी विधानसभा शीतकालीन सत्र: कांग्रेस ने अमित शाह के बयान का विरोध करते हुए अंबेडकर की तस्वीर लेकर नारेबाजी की

Thu, 19 Dec 2024 08:41 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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मध्य प्रदेश विधानसभा। - फोटो : अमर उजाला
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मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के चौथे दिन भी लंच के बाद बाबा साहब अंबेडकर को लेकर अमित शाह के बयान पर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने अंबेडकर की फोटो को हाथ में लेकर जमकर नारेबाजी की और शाह से माफी मांगने के नारे लगाए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने संसद में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ हुई धक्का मुक्की ओर राहुल गांधी पर लगाए आरोप पर चर्चा की मांगी। इस पर चर्चा कराने से अध्यक्ष ने इंकार  कर दिया। वहीं, नेता प्रतिपक्ष की मांग का मंत्री प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गी अयैर राकेश सिंह ने भी विरोध किया। उन्होंने उमंग सिंघार से भाजपा सांसद को धक्का देने की बात को शर्मनाक बताते हुए उमंग सिंघार से ही माफी मांगने की मांग की। इसके विरोध में कांग्रेस विधायकों ने शाह माफी मांगो के नारे लगाते हुए सदन से वॉक आउट किया।  
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कांग्रेस विधायकों ने इस दौरान "बाबा साहब अमर रहे" के नारे लगाए। कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने कहा कि बीजेपी सरकार ने संसद में बाबा साहब का अपमान किया है और यह बयान संविधान विरोधी है। विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए बीजेपी विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने ही सदन में बाबा साहेब आंबेडकर को जाने से रोका था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इतिहास के पन्ने पलटकर देखना चाहिए। वहीं, कांग्रेस विधायक ने सदन के बाहर बहिर्गमन करते हुए बाबा साहेब पर चर्चा कराने की मांग की।
  
दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में अपने भाषण के दौरान डॉ. बीआर आंबेडकर की विरासत पर बात करते हुए यह कहा था कि "आजकल आंबेडकर का नाम लेना एक फैशन बन गया है।" उन्होंने यह भी कहा था, “अगर लोग भगवान का नाम इस तरह लेते, तो सात जन्मों तक स्वर्ग मिल जाता।” शाह के इस बयान पर विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई और उनसे माफी की मांग की। इस विवाद के चलते विधानसभा में गहमागहमी का माहौल रहा, और कांग्रेस ने सदन में बाबा साहेब के मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की। विपक्ष के तीव्र विरोध के बावजूद, सरकार ने इस पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी।
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