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मेडिकल कॉलेजों में बदली मेस की व्यवस्था: वेज-नॉनवेज के लिए अलग किचन, धार्मिक भावनाओं का रखा जाएगा ध्यान

Thu, 17 Sep 2026 06:47 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने धार्मिक पर्वों से पहले मेडिकल कॉलेजों की मेस में वेज और नॉनवेज भोजन के लिए अलग-अलग किचन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। जूडा ने इसे विद्यार्थियों की धार्मिक भावनाओं और अलग-अलग खान-पान की आदतों के सम्मान की दिशा में सकारात्मक कदम बताया है।
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जीएमसी भोपाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 मध्यप्रदेश के मेडिकल कॉलेजों की मेस में अब शाकाहारी और मांसाहारी भोजन अलग-अलग किचन में तैयार होगा। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने आगामी धार्मिक पर्वों को देखते हुए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को यह व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। संचालनालय के निर्देश में कहा गया है कि जिन मेडिकल कॉलेजों की मेस में मांसाहारी भोजन तैयार होता है, वहां वेज और नॉनवेज के लिए अलग-अलग किचन की व्यवस्था की जाए। दोनों तरह के भोजन की तैयारी और व्यवस्था अलग रखने को कहा गया है, ताकि विद्यार्थियों की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जा सके।
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पर्वों से पहले व्यवस्था करने के निर्देश
मेडिकल कॉलेजों को मेस में जरूरी इंतजाम करने के लिए कहा गया है। खासतौर पर ऐसी मेस, जहां मांसाहारी भोजन तैयार होता है, वहां शाकाहारी भोजन की तैयारी के लिए अलग किचन रखना होगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों की अलग-अलग खान-पान की आदतों और धार्मिक मान्यताओं को ध्यान में रखना है।

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जूडा ने फैसले को बताया सकारात्मक
जूडा भोपाल के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. अनुराग भारती ने इस फैसले को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि सभी लोगों की खान-पान की आदतें और भावनाएं अलग होती हैं। ऐसे में वेज और नॉनवेज भोजन के लिए अलग किचन की व्यवस्था अच्छी पहल है। डॉ. भारती ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों की मेस में सामान्य तौर पर भी वेज और नॉनवेज भोजन अलग-अलग तैयार और सर्व किया जाता है। उन्होंने अपने यूजी के दौरान करीब पांच साल तक मेस का खाना खाने का अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां भी दोनों तरह का भोजन अलग तैयार किया जाता था। उनके मुताबिक, विद्यार्थियों की खान-पान की पसंद और धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की जा रही है। इससे अलग-अलग खान-पान की आदत रखने वाले विद्यार्थियों के लिए व्यवस्था बेहतर होगी।
 
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