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राम मंदिर चढ़ावा चोरी: दिग्विजय सिंह बोले- देशभर की आस्था पर कुठाराघात, अयोध्या कोर्ट जाकर लगाएंगे मुकदमा

Fri, 03 Jul 2026 03:31 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं के मामले में कांग्रेस हमलावर है। वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने राम मंदिर के लिए 1.11 लाख रुपये का चंदा दिया था और कथित गड़बड़ी के मामले में अयोध्या की अदालत में मुकदमा दायर करेंगे। 
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दिग्विजय सिंह ने कोर्ट जाने की बात कही है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अयोध्या राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर शुक्रवार को राजधानी भोपाल में महिला कांग्रेस ने माता मंदिर के पास सद्बुद्धि यज्ञ और सामूहिक उपवास किया। कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।
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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए 1 लाख 11 हजार रुपये का चंदा दिया था और इसकी रसीद व चेक की प्रति आज भी उनके पास सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि 5 या 6 जुलाई को अपने वरिष्ठ अधिवक्ता से चर्चा के बाद अयोध्या जाकर अदालत में वाद दायर करेंगे।

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चंदे की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग
दिग्विजय सिंह ने कहा कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो ट्रस्ट के जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान राम के नाम पर देशभर के श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ दान दिया है, इसलिए उस राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि अदालत में वित्तीय गड़बड़ी साबित होती है तो वह अपना चंदा वापस लेकर किसी मान्यता प्राप्त धार्मिक पीठ या शंकराचार्य के न्यास को दान करेंगे।

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मैं सनातन धर्म का पालन करने वाला व्यक्ति हूं
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उन पर धर्म विरोधी होने के आरोप लगाए जाते हैं, जबकि वह स्वयं सनातन परंपरा का पालन करते हैं। उन्होंने कहा कि वह नियमित धार्मिक अनुष्ठान करते हैं, एकादशी का व्रत रखते हैं और नर्मदा परिक्रमा भी कर चुके हैं।पूर्व मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) से भी धार्मिक चंदे और गुरुदक्षिणा के उपयोग का सार्वजनिक हिसाब देने की मांग की। उन्होंने धार्मिक संस्थाओं के संचालन में पारदर्शिता जरूरी बताते हुए महाकाल मंदिर परिसर की जमीन से जुड़े अपने पुराने आरोप भी दोहराए।

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राम मंदिर ट्रस्ट पर भी उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के गठन, पदाधिकारियों की नियुक्ति और प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इस विषय पर कई संत और शंकराचार्य पहले भी आपत्तियां जता चुके हैं। उन्होंने कहा कि वह अपने घर के बाहर एक तख्ती लगाएंगे, जिस पर लिखा होगा।मेरे घर में चंदा चोरों का प्रवेश निषिद्ध है। साथ ही लोगों से धार्मिक चंदे के उपयोग में पारदर्शिता की मांग करने की अपील भी की।
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घर के बाहर लगाया चंदा चोरों का प्रवेश वर्जित बोर्ड
शुक्रवार को भोपाल स्थित अपने आवास के बाहर दिग्विजय सिंह ने चंदा चोरों का प्रवेश वर्जित लिखे पोस्टर लगवाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे में कथित गड़बड़ी कर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया है।

पदयात्रा निकालने का ऐलान
राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने 2 अक्टूबर से बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से रामनगरी अयोध्या तक करीब 1000 किलोमीटर पदयात्रा निकालने की घोषणा की है। उनका कहना है कि यात्रा का उद्देश्य राम मंदिर चंदे और धार्मिक संस्थानों में कथित वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना है।



प्रधानमंत्री की सद्बुद्धि के लिए किया यज्ञ
महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बोरासी सेतिया ने कहा कि यज्ञ प्रधानमंत्री की सद्बुद्धि के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने हमेशा प्रजा के हित को सर्वोपरि रखा, लेकिन आज देश में आम जनता, महिलाएं और गरीब वर्ग परेशान हैं। उनका आरोप था कि सरकार मंदिर निर्माण को प्राथमिकता दे रही है, जबकि जनता की मूल समस्याएं अनदेखी की जा रही हैं।

 
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