मध्यप्रदेश के भोपाल में पुलिस ने एक ऐसे सीरियल किलर को गिरफ्तार किया है, जिसने जमीन में गड़ा धन दिलाने के बहाने जंगल में ले जाकर छह लोगों को मार डाला था। पुलिस ने 74 लोगों से पूछताछ के बाद उसे दबोचा है।
पुलिस के अनुसार आरोपी का नाम मनीराम सेन है। 58 साल के इस आरोपी ने नवंबर 2020 में भोपाल के एक युवक की जंगल में पत्थर से कुचलकर हत्या कर दी थी। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी थी, तभी उसे सीरियल किलर के बारे में सुराग मिले। युवक को भी आरोपी ने गड़ा धन दिलाने के बहाने जंगल में ले जाकर मार डाला था। मृतक की शिनाख्त आदिल वहाब के रूप में हुई थी।
जांच में पता चला कि आदिल ने खजाना पाने के लालच में आरोपी मनीराम सेन को 17 हजार रुपये दिए थे। जब मनीराम खजाना दिलाने में विफल रहा तो उसने मनीराम से रुपये वापस मांगे, इसके बाद वह खजाना दिलाने के बहाने आदिल को जंगल में लेकर गया और उसकी हत्या कर फरार हो गया। तब से पुलिस आरोपी की तलाश में थी। आखिरकार मंगलवार को वह प्रदेश के सागर जिले के राहतगढ़ में पुलिस के हाथ आ गया। वह इलाहाबाद से राहतगढ़ पहुंचा था।
मंत्र बोले, आंखें बंद कराई और सिर में दे मारा पत्थर
सीरियल किलर मनीराम ने पूछताछ में बताया कि आदिल उस पर रुपये जल्दी लौटाने के लिए दबाव डाल रहा था, इसलिए वह सात नवंबर को उसे स्कूटी से भोपाल के समीप सूखी सेवनिया के जंगल में ले गया और तंत्र विद्या का झांसा देकर आदिल को आंखें बंद करने को कहा और जब उसे लगा कि आदिल अब आंखें नहीं खोलेगा तो उसने उसके सिर पर पत्थर दे मारा। इतना ही नहीं इसके बाद उसने पत्थर से उसका चेहरा भी कुचल दिया, ताकि मृतक की पहचान न हो सके। इस अंधेकत्ल का खुलासा करने के लिए पुलिस ने 74 लोगों से पूछताछ की और खूंखार आरोपी को दबोच लिया।
20 साल पहले एक साथ पांच का मार डाला था
भोपाल के एएसपी राजेश सिंह भदौरिया के अनुसार आरोपी मनीराम सेन ने वर्ष 20 साल पहले यानी वर्ष 2000 में विदिशा जिले में इसी तरह साजिश रचकर पांच लोगों को मार डाला था। इन पांचों को भी उसने जमीन में गड़ा धन दिलाने का झांसा दिया। इनसे उसने पांच-पांच हजार रुपये लिए थे। सभी को वह जंगल में लेकर गया और एक-एक किलोमीटर दूरी पर बैठा दिया था। फिर सभी के हाथों में धागा बांधा और आंखें बंद कर मंत्र जपने को कहा और एक-एक कर पांचों को मार डाला था।
उम्रकैद हुई, पैरोल पर छूटा तो फरार हो गया
सीरियल किलर मनीराम सेन को उक्त मामलों में आजीवन कारावास की सजा हुई थी, लेकिन वर्ष 2006 में वह पैरोल पर छूटने के बाद फरार हो गया था। इसके चार माह बाद वह गुजरात से गिरफ्तार हुआ था। उसकी आजीवन कारावास की सजा वर्ष 2017 में पूरी हो गई थी। इसके बाद आदिल की हत्या कर उसने फिर उसी तरह की वारदात को अंजाम दिया।