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एमपी सड़क सुरक्षा: IIT मद्रास के सहयोग से सुधरेगी प्रदेश की ट्रैफिक व्यवस्था, 49 जिलों में बनेंगे मॉडल चौराहे

Tue, 20 Jan 2026 05:22 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क,अमर उजाला भोपाल

सार

मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा मजबूत करने और दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्य करने के लिए एमपीआरडीसी ने आईआईटी मद्रास के सहयोग से कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत 49 जिलों में दो माह के भीतर मॉडल चौराहे विकसित किए जाएंगे और उच्च जोखिम वाले स्कूल क्षेत्रों में सेफ स्कूल जोन बनाए जाएंगे।
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चौराहा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में सड़क हादसों में होने वाली मौतों को शून्य स्तर तक लाने के लिए सरकार ने व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) ने आईआईटी मद्रास के तकनीकी सहयोग से ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और सड़क सुरक्षा मजबूत करने का मास्टर प्लान लागू करने का निर्णय लिया है। एमपीआरडीसी के प्रबंध संचालक भरत यादव ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंफ्रास्ट्रक्चर, डेटा एनालिसिस और सुरक्षित डिजाइन के जरिए दुर्घटनाओं में कमी लाई जाएगी।
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दो महीने में 49 जिलों में मॉडल चौराहे
 जिन 49 जिलों में सड़क दुर्घटनाओं में मौतें दर्ज हो रही हैं, वहां अगले दो माह के भीतर प्रत्येक जिले में एक-एक मॉडल चौराहा विकसित किया जाएगा। यह कार्य आईआईटी मद्रास (COERS) के सहयोग से किया जाएगा।वहीं, जिन 6 जिलों में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर शून्य है, वहां सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा प्रति जिले दो मॉडल चौराहों का निर्माण किया जाएगा, ताकि सुरक्षित व्यवस्था को और बेहतर बनाया जा सके।

उच्च जोखिम वाले स्कूल क्षेत्रों में बनेंगे ‘सेफ स्कूल जोन
बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उच्च जोखिम वाले स्कूली इलाकों की पहचान कर उन्हें  मॉडल सेफ स्कूल जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए डीडीएचआई (DDHI) को निर्देश दिए गए हैं कि वे 7 दिनों के भीतर नई कार्ययोजना प्रस्तुत करें।
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ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष नजर
विभाग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक अब तक 18 जिलों के साथ समन्वय स्थापित हो चुका है। 10 जिलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति के बाद उन्हें विशेष एप्लीकेशन के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। सेव लाइफ फाउंडेशन के विशेषज्ञ राहुल प्रकाश ने बताया कि अगले चरण में प्रदेश के सभी ब्लैक स्पॉट्स का विस्तृत डेटा संकलित किया जाएगा।
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30 जनवरी को राज्यस्तरीय कार्यशाला
सड़क सुरक्षा से जुड़े आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक को समझने के लिए 3M संस्था द्वारा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस पहल को गति देने के लिए 30 जनवरी को एक विशेष राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है। बैठक में मुख्य तकनीकी सलाहकार आर.के. मेहरा, मुख्य अभियंता सुनील वर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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