मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत सोमवार से हुई। लेकिन, कोरोना वायरस संक्रमण मामलों में उछाल आने के बीच राज्य के विधायकों को इस महामारी से बचने के लिए बनाए गए नियमों को तोड़ते हुए देखा गया। बसपा, कांग्रेस के साथ-साथ सत्ताधारी भाजपा के विधायक भी विधानसभा के बाहर बिना मास्क लगाए घूमते देखे गए। इसके साथ ही साथ वजह पूछे जाने पर उन्होंने एक से बढ़कर एक कुतर्क दिए।
कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह ने अलग ही तर्क देते हुए कोरोना महामारी को फर्जी करार दे डाला। उन्होंने कहा, मैंने कभी मास्क का उपयोग नहीं किया है और न ही करूंगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर मास्क न पहनने के चलते मुझ पर जुर्माना लगाया जाता है तो मैं जुर्माना अदा करूंगा लेकिन मास्क नहीं पहनूंगा। सिंह ने शिवराज सिंह सरकार के कॉलेज, सरकारी दफ्तरों और विवाह समारोहों को अनुमति देने के फैसले पर सवाल उठाए।
एक और कांग्रेस विधायक बाजीनाथ कुशवाहा ने दावा कर डाला कि कोरोना वायरस उन पर असर ही नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, 'हम बाजरे की रोटी खाते हैं, कोरोना वायरस हम पर कोई असर नहीं डाल सकता। वहीं, बिना मास्क लगाए देखी गईं बसपा की विधायक रामबाई ने कहा कि मुझे मास्क पहनने से तकलीफ होती है और दम घुटने लगता है। उन्होंने कहा, 'मुझे घुटन होती है... और मैं कोरोना वायरस से नहीं डरती।'
वहीं, बिना मास्क मिले भाजपा विधायक प्रद्युम्न लोधी ने कहा कि मैंने विधानसभा के अंदर मास्क पहना हुआ था, बस बात करने के लिए अभी उतारा है। बता दें कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के पिछले एक सप्ताह से रोज 200 से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं।