मध्य प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए एग्जिट पोल्स के प्रकाशन पर लगा प्रतिबंध 30 नवंबर को शाम छह बजे तेलंगाना में वोटिंग खत्म होने के साथ ही समाप्त हो जाएगा। इसके बाद तमाम न्यूज चैनल्स और संस्थाओं के एग्जिट पोल्स भी सामने आएंगे। इस बार चुनाव बेहद गहमागहमी भरे माहौल में हुए हैं। राजनीतिक विश्लेषक भी दावा करने की स्थिति में नहीं है कि किसकी सरकार बनने जा रही है। इस वजह से एग्जिट पोल्स बहुत महत्वपूर्ण हो जाते हैं। उनका बेसब्री से इंतजार हो रहा है। इससे पहले 2013 और 2018 में कुछ ही एग्जिट पोल्स सटीक परिणाम के आसपास जरूर पहुंचे थे। हालांकि, उसमें मिले संकेत सटीक थे। 2013 में भाजपा की जीत और 2018 में कांटे के मुकाबले का अनुमान एग्जिट पोल्स ने सटीक लगाया था।
महिलाओं ने किया बम्पर मतदान
मध्य प्रदेश विधानसभा की 230 सीटों के लिए 17 नवंबर को मतदान हुआ था। विधानसभा चुनावों के सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए इस बार 77.15% वोटिंग हुई है। इससे पहले 2018 में 74.97% वोटिंग हुई थी। इस बार सिवनी में सबसे अधिक 86.29% वोटिंग हुई है। वहीं, छिंदवाड़ा में 85.85%, बालाघाट में 85.35%, आगर मालवा में 85.09% और शाजापुर में 85.01% मतदान हुआ है। पुरुष और महिला वोटरों की बात करें तो इस बार दोनों की ही हिस्सेदारी 2%-2% बढ़ी है। इस बार 78% पुरुषों ने 76% महिलाओं ने मताधिकार का प्रयोग किया। भले ही अंतर दो प्रतिशत का दिख रहा हो, 20 साल में 14% अधिक महिलाएं वोट डालने मतदान केंद्रों तक पहुंची हैं।