मध्य प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में टिकट वितरण के बाद नाराज कार्यकर्ताओं को मनाने की कोशिश जारी है। इसके तहत पीसीसी मुख्यालय में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक कार्यक्रम में कहा कि सारी नाराजगी मुझ पर उतार दीजिए। ये मानकर चलिए जिनका टिकट कटा वो दिग्विजय सिंह ने काटा और जिन्हें टिकट मिला उन्हें कमलनाथ ने दिया।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि प्रदेश के अंदर सेक्टर मंडलम का गठन हुआ है। हम को सेक्टर मंडल के लोगों को सक्रिय करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मैं 1985 से किसी न किसी तरह टिकट वितरण में शामिल रहा हूं। सबसे खराब काम है टिकट बांटना। अब जिन लोगों ने अपना फॉर्म वापस ले लिया है उनसे जाकर मिल रहा हूं। कमलनाथ जी ने ठीक कहा है कि उनके पैर पकड़ना चाहिए। मैं भी इस बात की कोशिश कर रहा हूं कि फॉर्म वापस लेने वाले सभी लोगों के घर जा सकूं। उन्होंने कहा कि जिन्होंने फॉर्म वापस नहीं लिया है तो उनको भी मनाने का काम करना चाहिए। लेकिन यदि चुनाव के 6-7 दिन पहले तक नहीं मानते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई करना चाहिए। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बीजेपी प्रशासनिक मुद्दों पर निर्णय नहीं लेती है। प्रशासनिक मुद्दों का व्यावसायिकरण करती है। बीजेपी में पूरे प्रदेश में भ्रष्टाचार के माध्यम से ताकतवर है। भ्रष्टाचार के कारण बीजेपी में पैसे की भरमार है। बीजेपी से ईमानदारी की उम्मीद नहीं की जा सकती है।