मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को बड़ा एलान किया कि राज्य एक जून से धीरे-धीरे अनलॉक होना शुरू हो जाएगा। आइये जानते हैं एक जून से क्या-क्या खुल जाएगा।
ये सब शुरू होगा
सरकारी दफ्तर : एक जून से प्रदेश के सभी सरकारी दफ्तर खुलेंगे। इन कार्यालयों में 100 प्रतिशत अधिकारी मौजूद रहेंगे जबकि 25 कर्मचारी ही दफ्तर आएंगे।
दुकानें: आवश्यक वस्तुओं की दुकानें, जिनमें केमिस्ट, फल-सब्जी, दूध, आटा चक्की, पशुआहार, राशन दुकानें, कृषि व खेती बाड़ी से संबंधित दुकानें दिनभर खुली रहेंगीं।
सेवा व निर्माण सामग्री की दुकानें : उक्त दुकानों के अलावा अन्य 20 फीसदी दुकानें भी खुल सकेंगीं। इनमें सेवा क्षेत्र व निर्माण क्षेत्र से संबंधित दुकानें खासतौर से खुल सकेंगी।
कॉलोनी की दुकानें : दूरस्थ क्षेत्रों की दुकानें भी खुल सकेंगी।
ई कॉमर्स : आनलाइन कारोबार या ई-कॉमर्स की भी इजाजत होगी। यानी आनलाइन आर्डर के जरिए सामान की आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्र : इन इलाकों की दुकानें भी खोली जा सकेंगीं। शहरी क्षेत्रों में जिन दुकानों को खोलने की अनुमति दी जाएगी उसी तरह की दुकानें ग्रामीण इलाकों में भी खुल सकेंगी।
श्रम बाजार : लेबर मार्केट यानी मजदूर बाजार या चौक खोले जाएंगे।
निर्माण कार्य शुरू होगा: कंस्ट्रक्शन कारोबार यानी निर्माण उद्योग से जुड़ा कारोबार भी शुरू हो सकेगा। इस दौरान कोरोना गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करना होगा।
बता दें, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को एलान किया था कि प्रदेश एक जून से धीरे-धीरे अनलॉक होना शुरू हो जाएगा। हम अनंतकाल तक बंद नहीं रख सकते, हमें धीरे-धीरे अनलॉक करना होगा। राज्य को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। शिवराज सिंह चौहान ने जानकारी दी कि राज्य में संक्रमण घटकर पांच फीसदी हो गई है। कोरोना से रिकवरी की दर लगातार बढ़ रही है और अब यह 90 फीसदी हो गई है।।
भोपाल : कोरोना कर्फ्यू की अवधि एक जून तक बढ़ी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के एलान के बाद प्रदेश की राजधानी भोपाल में कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए लगाए गए कोरोना कर्फ्यू को जिला प्रशासन ने एक जून तक बढ़ा दिया। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में बढ़ते मामलों के कारण भोपाल में जिला प्रशासन द्वारा 12 अप्रैल से कोरोना कर्फ्यू लगाने के बाद इसकी अवधि को कई दफा बढ़ाया जा चुका है। इससे पहले कोरोना कर्फ्यू की अवधि 24 मई और फिर बाद में 31 मई तक बढ़ाई गई थी। शनिवार को एक बार फिर जिला प्रशासन ने इसे एक जून तक बढ़ा दिया है।