फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पांच लोगों ने की खुदकुशी, एक ने लिखा- घुट रहा दम, दूसरा बोला ‘अम्मा, अब मैं दिखूंगा नहीं’

Wed, 20 Jan 2021 07:37 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
विज्ञापन
मध्य प्रदेश में बीते 24 घंटे में पांच लोगों ने की खुदकुशी - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

भोपाल में आत्महत्या के मामले बढ़ते जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि बीते 24 घंटे के अंदर ही शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में से खुदकुशी के पांच मामले सामने आए हैं। इससे शहर में सनसनी भी मची हुई है। खुदकुशी करने वाले इन सभी लोगों ने अलग-अलग वजहों के चलते फांसी लगाई। इन सभी की उम्र 50 साल से कम बताई जा रही है। ये घटनाएं भोपाल के कोलार, पंचशील नगर, बैरसिया, निशातपुरा और बागसेवनिया में हुईं।

विज्ञापन

कोलार की साईंनाथ कॉलोनी में खुदकुशी

पहला मामला कोलार की साईंनाथ कॉलोनी निवासी कृषि विभाग के कंप्यूटर ऑपरेटर राजेश परिहार के फांसी लगाने का है। उनके शव के पास से एक सुसाइड नोट मिला। इसमें लिखा था, ‘मेरे पास कहने को कुछ नहीं है। डिप्रेशन से उबर नहीं पा रहा हूं। दम घुट रहा है। मेरे इस कदम के लिए मैं खुद जिम्मेदार हूं। सबका गुनहगार हूं, इसलिए मेरे लिए कुछ भी क्रिया कर्म न किया जाए। एक दिन जहां मिलूं, वहीं अंतिम संस्कार करके सब कुछ भूल जाना।’ पुलिस ने बताया कि 50 वर्षीय राजेश परिहार नींद न आने की कहकर साईंनाथ कॉलोनी के मकान में आए थे, जहां उन्होंने फांसी लगा ली।

अनुकंपा नियुक्ति का था इंतजार

पंचशील नगर में रहने वाले 33 साल के महेश चावरिया ने भी फांसी लगा ली। उनकी वृद्ध मां ने सबसे पहले बेटे का शव फंदे पर लटका हुआ देखा। कुछ दूर पर ही ससुर के घर में रह रहे छोटे बेटे केशव ने टीटी नगर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पता चला है कि पिता के निधन के बाद महेश की अनुकंपा नियुक्ति का प्रकरण लंबित है, जिसके चलते वह डिप्रेशन में थे।

छत पर बने कमरे में लगाई फांसी 

दीक्षा नगर में बीकॉम कर रहे 20 साल के छात्र आकाश शर्मा ने भी सोमवार शाम अपने घर में फांसी लगा ली। आकाश बेहद धार्मिक प्रवृत्ति के था। बागसेवनिया थाना एएसआई सूर्यनाथ यादव ने बताया कि छत पर बने कमरे में आकाश ने फांसी लगाई। उसने यह कदम क्यों उठाया, इसका पता नहीं चला। 

‘अम्मा, अब मैं दिखूंगा नहीं’

आवास विकास कॉलोनी में 36 साल के देवी प्रसाद कुशवाहा ने भी फांसी लगा ली। निशातपुरा थाना एएसआई करण सिंह ने बताया कि सुबह उन्होंने पत्नी को मायके भेज दिया। इसके बाद मां को कॉल कर कहा, ‘अम्मा, अब मैं दिखूंगा नहीं।’ आधे घंटे बाद रिश्तेदार खाना लेकर पहुंचे तो देवी प्रसाद फंदे पर लटके मिले।
विज्ञापन

बच्चे नहीं रहे तो अवसाद में गई 

बैरसिया के दौजियाई गांव की 25 वर्षीय संजू ठाकुर ने भी फांसी लगा ली। उनके पति किसान हैं। एसआई नवीन कुमार ने बताया कि सात साल पहले महिला की शादी हुई थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि संजू दो बार मां बन चुकी थी, लेकिन बच्चों की जान नहीं बचाई जा सकी। इससे वह अवसाद में रहती थी। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें