फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लाड़ली बहना योजना: नए पंजीयन पर सरकार की चुप्पी, सीएम बोले- 5 साल में देंगे तीन हजार; विपक्ष का वॉकआउट

Mon, 23 Feb 2026 06:17 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

मध्य प्रदेश विधानसभा में लाड़ली बहना योजना को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। नए पंजीयन की समय-सीमा पर सरकार ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया, जबकि सीएम डॉ. मोहन यादव ने 5 साल में राशि तीन हजार रुपये करने का वादा दोहराया। विपक्ष ने लाड़ली बहना योजना को लेकर पूछे सवाल का जवाब नहीं मिलने पर सदन से वॉकआउट किया। 
विज्ञापन
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आयेंगे दमोह, किसान सम्मेलन को करेंगे संबोधित
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश विधानसभा के छठे दिन मध्य प्रदेश विधानसभा में लाड़ली बहना योजना को लेकर जोरदार हंगामा हुआ। नए पंजीयन और तीन हजार रुपये मासिक राशि के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि समय पर नए रजिस्ट्रेशन किए जाएंगे। हम पांच साल में लाड़ली बहनों की राशि तीन हजार रुपए कर देंगे। यह विपक्ष ही है, जो कहता था कि योजना बंद हो जाएगी। विधायक महेश परमार ने लाड़ली बहना योजना को लेकर नए रजिस्ट्रेशन और राशि को तीन हजार रुपए करने को लेकर सवाल लगाया था। उन्होंने मांग की कि योजना के लिए दोबारा पोर्टल खोला जाए और पात्र महिलाओं को जोड़ा जाए। उनका कहना था कि 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को योजना से बाहर किया जा रहा है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- MP Assembly Session: विधानसभा में उठा एमबीबीएस छात्रा रोशनी की मौत का मामला, सीबीआई से जांच कराने की मांग

इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि किसी भी पात्र महिला का नाम नहीं काटा गया है। 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल नए पंजीयन की कोई तय समय-सीमा नहीं है और न ही राशि को तीन हजार रुपये करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन है। इस पर विधायक परमार ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बहनों को धोखा दिया जा रहा है। तीन हजार रुपए देने का वादा कर सरकार बना ली गई। उन्होंने मंत्री विजय शाह का नाम लेकर कहा कि वह रतलाम की बैठक में कहते है कि लाड़ली बहने मुख्यमंत्री का सम्मान नहीं करने आए तो उनके नाम काट देंगे। मंत्री करण सिंह वर्मा कहते है कि लाड़ली बहनों को बुलाओ, जो ना आए उनके नाम काट दो। जिन बहनों को राशि दी जा रही है, उनको कार्यक्रम को सफल बनाने का जरिया बना लिया है। क्या सरकार ने राशि देकर बहनों को खरीद लिया है? उन्होंने कहा कि 25 लाख बहनों के नाम काट दिए गए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं, विपक्ष के हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार से नए पंजीयन की समय-सीमा तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नए नाम कब जोड़े जाएंगे, एक साल, दो साल, तीन साल यह बता दें। इस पर मंत्री ने कहा कि योजना में नए रजिस्ट्रेशन कब किए जाएंगे यह बताना संभव नहीं है। महिलाओं को किस किस तरीके से आत्मनिर्भर बनाएं इसके लिए सरकार काम कर रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मंत्री ने सही जवाब दिया है और योजना जारी है। यह नेता प्रतिपक्ष ही है, जो कहते थे कि योजना बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार अपने घोषणा पत्र के अनुसार पांच साल में तीन हजार रुपये देने के वादे को पूरा करेगी। हालांकि सरकार की ओर से स्पष्ट तारीख न मिलने पर कांग्रेस विधायक दल ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।  

ये भी पढ़ें- MP Assembly Session: कांग्रेस विधायकों का भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर प्रदर्शन, इस मुद्दे पर पुनर्विचार की मांग
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें