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MP News: वक्फ मामले में जज ने लगाई फटकार, कहा- आप जंग हार चुके हैं, बार-बार याचिका न लगाएं

Wed, 24 Apr 2024 06:20 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

MP News: मप्र वक्फ बोर्ड गठन को लंबा समय गुजर चुका। इससे होने वाले कामों को गति मिलना भी शुरू हो चुकी, लेकिन बोर्ड गठन को लेकर बनाए जाने वाले गति अवरोध का सिलसिला थमने का नाम नहीं लेता।
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मप्र वक्फ बोर्ड मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बोर्ड में चयनित श्रेणी से सदस्य बने मोहम्मद फैजान खान को लेकर की जा रही लगातार अदालतबाजी पर हाईकोर्ट ने सख्त नाराजगी जता दी। याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए जज को यहां तक कहना पड़ गया कि आप जंग हार चुके हैं। बार बार याचिकाएं लगाकर अपना और अदालत का समय खराब न करें।

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मामला उज्जैन के वक्फ मस्जिद एवं मजार मदार साहब से जुड़ा हुआ है। इसके अध्यक्ष मोहम्मद फैजान खान हैं। इस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष रियाज खान द्वारा फैजान खान अध्यक्ष बनाए जाने के बाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। जिसमें उन्होंने आपत्ति जताई थी कि वक्फ बोर्ड प्रशासक कोई नहीं बना सकते। उन्होंने फैजान को एसडीएम द्वारा चार्ज दिलाए जाने पर भी ऐतराज जताया था।

पहले प्रशासक को ठहराया दुरुस्त 
जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट ने प्रशासक की भूमिका को उचित मानते हुए याचिका खारिज कर दी। जिसके बाद रियाज खान ने रिव्यु पिटिशन 888/2022 लगाई। जिसमें उन्होंने उच्च न्यायलय में यह कहकर याचिका पर पुनर्विचार करने के लिए कहा कि कोर्ट ने सिर्फ प्रशासक वाले पॉइंट पर निर्णय दे दिया है। कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार लिया।
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आपत्ति यह भी उठी
पूर्व अध्यक्ष रियाज खान की तरफ से वकील ने फैजान खान के मुतवल्ली सदस्य चुनाव लड़ने और जीतने को भी गलत करार दिया।

फिर आया यह फैसला
हाईकोर्ट ने बुधवार को इस मामले पर फैसला दिया। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान जस्टिस विवेक रूसिया ने फटकार लगाते हुए रियाज खान के वकील को कहा कि आप जंग हार चुके हैं। बिना कारण के याचिकाएं न लगाएं।

इसलिए मायने
इस फैसले के मायने मप्र वक्फ बोर्ड गठन में मुतावल्ली सदस्य इकलौता निर्वाचित सदस्य हैं। इसके अलावा बाकी सदस्य शासन से नामांकित अलग श्रेणी से संबद्ध हैं। अदालत में लगी याचिका फैजान खान के खिलाफ आने का असर पूरे बोर्ड पर आ सकता था।
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इनका कहना
अदालत ने दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया है। इसके फैसले को सभी को मान्य करना चाहिए।
फैजान खान,
सदस्य, मप्र वक्फ बोर्ड

भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट

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