सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद राजधानी में आवासीय भवनों में संचालित व्यावसायिक गतिविधियों का मामला अब राजनीतिक रंग लेने लगा है। गुरुवार को कांग्रेस ने लिंक रोड नंबर-2 स्थित नगर निगम मुख्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने मुख्य गेट पर नगर निगम का पुतला फूंकते हुए सरकार और निगम प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
25 साल से मास्टर प्लान नहीं, व्यापारी भुगत रहे खामियाजा
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने कहा कि भोपाल पिछले 25 वर्षों से बिना मास्टर प्लान के चल रहा है। सरकार समय पर मास्टर प्लान लागू नहीं कर सकी, जिसका खामियाजा आज हजारों व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के 15 महीने के कार्यकाल में मास्टर प्लान अंतिम चरण में पहुंच चुका था, लेकिन सरकार बदलने के बाद इसे लागू नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि सरकार तत्काल नया मास्टर प्लान लागू करे। जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक व्यापारियों को राहत देने के लिए मिक्स लैंड यूज व्यवस्था लागू की जाए, ताकि आवासीय क्षेत्रों में वर्षों से संचालित छोटे व्यापार प्रभावित न हों।
कमर्शियल टैक्स वसूला तो अब राहत भी दे
कांग्रेस पार्षद योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान ने कहा कि यदि आवासीय क्षेत्रों में व्यावसायिक गतिविधियां नियमों के विरुद्ध हैं तो नगर निगम वर्षों से कमर्शियल कर किस आधार पर वसूलता रहा। उन्होंने मांग की कि व्यापारियों से वसूला गया कमर्शियल कर वापस किया जाए। कांग्रेस नेता शोएब खान ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने अदालत में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से नहीं रखा। यदि निगम मजबूती से पैरवी करता तो व्यापारियों को राहत मिल सकती थी। इसी विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम का पुतला दहन किया।
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद बढ़ी हलचल
एक दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी और इस मामले में हाईकोर्ट से मिले सभी स्थगन आदेश भी निरस्त कर दिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि उसके आदेशों के समानांतर कोई दूसरी प्रक्रिया नहीं चल सकती और अवैध निर्माण व भूमि उपयोग उल्लंघन के मामलों में कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी। सुनवाई के दौरान नगर निगम ने अदालत को बताया कि वह कार्रवाई करना चाहता है, लेकिन विभिन्न स्तरों पर बाधाएं आ रही हैं। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कानून के पालन में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
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तीन सप्ताह तक शहरभर में होगा नया सर्वे
भोपाल के रहवासी क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर नगर निगम की कार्रवाई फिलहाल तीन सप्ताह के लिए टाल दी गई है। अरेरा कॉलोनी और बावड़ियाकलां में जिन 101 शोरूम और दुकानों की सील पहले हट चुकी है, उन्हें अभी दोबारा सील नहीं किया जाएगा। इसके बजाय नगर निगम पूरे शहर में व्यापक सर्वे कर वास्तविक स्थिति का आकलन करेगा। नगर निगम के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करीब एक हजार संपत्तियों के सर्वे को पर्याप्त नहीं माना गया। इसी कारण अब पूरे शहर में नया सर्वे कराया जाएगा। जहां भी आवासीय क्षेत्रों में अवैध निर्माण या नियमों के विरुद्ध व्यावसायिक गतिविधियां संचालित मिलेंगी, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद पहले चरण में अरेरा कॉलोनी, रोहित नगर और बावड़ियाकलां की 429 व्यावसायिक संपत्तियों को नोटिस जारी किए गए थे। इसके बाद दूसरे चरण में बैरागढ़, कोलार, चुनाभट्टी, इंद्रपुरी, अशोका गार्डन और कोहेफिजा सहित अन्य क्षेत्रों में 1250 से अधिक नोटिस जारी किए गए। नगर निगम के उप आयुक्त एवं कॉलोनी सेल प्रभारी भुवन गुप्ता ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले कराए गए सर्वे का दायरा सीमित माना है और तीन सप्ताह के भीतर नई रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे, जो भवन अनुज्ञा के उल्लंघन और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों का संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।
मास्टर प्लान सीएम कार्यालय भेज दिया
कांग्रेस के भोपाल के मास्टर प्लान लागू करने की मांग पर नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मास्टर प्लान का ड्रॉफ्ट मुख्यमंत्री कार्यालय भेज दिया गया है। अब उनसे जानकारी ले लीजिएगा।