सोमवार सुबह टलते टलते हज 2025 के लिए हाजियों के नाम तय किए गए थे। शाम ढलते ढलते सेंट्रल हज कमेटी ने चयनित हाजियों से पहली किस्त की मांग कर डाली। जून माह में होने वाले हज के खर्च की राशि अक्तूबर से जमा कर करीब आठ माह होने वाले इस्तेमाल का ब्यौरा हज कमेटी के पास नहीं है। हाजियों से मांगी गई पहली किस्त प्रति व्यक्ति 1 लाख, 30 हजार रुपए है। जो पूरे देश के हाजियों के आंकड़े के लिहाज से अरबों रुपए होगा।
जानकारी के मुताबिक हज 2025 के लिए सऊदी अरब सरकार ने भारत को 1 लाख, 75 हजार, 25 सीटों का कोटा आवंटित किया है। इसमें से 70 प्रतिशत सीटें हज कमेटी को मिलेंगी। जबकि 30 फीसदी सीटें निजी टूर ऑपरेटर्स के खाते में जाएंगी। सोमवार को हुए हज कुर्रा के फौरन बाद सेंट्रल हज कमेटी ने चयनित हाजियों से पहली किस्त की मांग कर दी है। जानकारी के मुताबिक हाजियों को यह राशि 21 अक्टूबर तक जमा करने के लिए कहा गया है।
8 महीने जमा रहेंगे अरबों रुपये
देशभर के हज कोटे के मुताबिक हज कमेटी के जरिए करीब एक लाख, 62 हजार आवेदक हज यात्रा पर जाएंगे। इन्हें इसी माह प्रति व्यक्ति एक लाख, 30 हजार, 300 रुपए जमा करने होंगे। इसके मुताबिक देशभर से जमा होने वाली राशि का आंकड़ा 15 अरब, 40 करोड़, 50 लाख पार होना है। हज खर्च के लिए वसूली जाने वाली यह राशि जून माह में होने वाली हज यात्रा तक सेंट्रल हज कमेटी के खातों में जमा रहने वाली है। इस राशि का हिसाब न सरकार के पास पहुंचने वाला है और न ही हज यात्रियों को इससे कोई फायदा मिलेगा।
प्रदेश से एक अरब
मप्र से चयन किए गए 7107 हाजियों को भी यह राशि जमा करना है। हाजियों की इस तादाद के मुताबिक यहां से करीब 923910000 रुपए जमा होंगे।