भोपाल में साइबर अपराधियों ने ठगी का एक बेहद शातिर तरीका अपनाया है। एक जालसाज ने खुद को पुराना ग्राहक बताकर पहले तो शादी कार्ड के एक प्रतिष्ठित कारोबारी से नजदीकियां बढ़ाईं, और फिर ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर उनसे 30 लाख ठग लिए।
ठगों ने पीड़ित को ऐसे जाल में फंसाया कि फर्जी ट्रेडिंग एप पर उनका निवेश बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये दिखने लगा। लेकिन जब कारोबारी ने रकम निकालनी चाही, तो आरोपियों ने 30 फीसदी टैक्स की मांग शुरू कर दी। ठगी का अहसास होने पर पीडि़त ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऐसे बुना गया ठगी का जाल
पुलिस के मुताबिक, मारवाड़ी रोड स्थित यमुना कॉम्प्लेक्स निवासी 49 वर्षीय नितिन गर्ग का शादी कार्ड का शोरूम है। कुछ समय पहले उनके पास निशांत सिंह नाम के एक व्यक्ति का फोन आया। निशांत ने दावा किया कि उसने चार साल पहले नितिन के शोरूम से कार्ड छपवाए थे। इस बहाने उसने लगातार बातचीत कर कारोबारी का भरोसा जीत लिया और गहरी दोस्ती कर ली।
विश्वास जीतने के बाद, निशांत ने नितिन को पीयू प्राइम और पालीयस फाइनेंस पीएलसी नामक कंपनियों के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच दिया। उसके झांसे में आकर नितिन ने अक्टूबर और नवंबर 2025 के दौरान अलग-अलग किस्तों में कुल 30 लाख का निवेश कर दिया।
स्क्रीन पर दिखे 1.5 करोड़, निकालने लगे तो मांगा 30 प्रतिशत टैक्स
निवेश के कुछ ही समय बाद दोनों फर्जी ऐप्स के डैशबोर्ड पर नितिन की निवेश राशि बढ़कर करीब 1.5 करोड़ दिखाई देने लगी। भारी मुनाफा देखकर नितिन को भरोसा हो गया कि उनका निवेश सही जगह हुआ है। दिसंबर 2025 में जब उन्होंने इस रकम को निकालने करने का प्रयास किया, तो कथित कंपनी के प्रतिनिधियों ने नया पैंतरा चला। उन्होंने शर्त रखी कि पूरी रकम निकालने के लिए पहले 30 प्रतिशत टैक्स अलग से जमा करना होगा।
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कटौती से मना करने पर खुला राज
पीडि़त नितिन गर्ग ने प्रतिनिधियों से कहा कि वे टैक्स की राशि कुल मुनाफे में से ही काट लें और बाकी के पैसे ट्रांसफर कर दें, लेकिन जालसाज लगातार अलग से पैसे जमा करने का दबाव बनाते रहे। जब आरोपियों ने पैसे देने से साफ मना कर दिया, तब नितिन को समझ आया कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
शिकायत पर साइबर सेल ने प्राथमिक जांच के बाद जीरो पर एफआईआर दर्ज कर मामला कोतवाली थाने स्थानांतरित किया। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश और बैंक खातों की जांच शुरू कर दी है।