श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही दूध और दुग्ध उत्पादों की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए भोपाल में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने विशेष निगरानी शुरू कर दी है। आस्था के इस महीने में श्रद्धालुओं तक शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंचें, इसके लिए शहरभर की डेयरियों और दुग्ध विक्रय प्रतिष्ठानों पर लगातार जांच की जा रही है। अभियान के तहत दूध, दही, पनीर, घी, मावा और मिक्स मिल्क के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
8 डेयरियों पर पहुंची टीम, 17 नमूने लिए
विशेष अभियान के दौरान कोलार रोड, जहांगीराबाद, अशोका गार्डन, अरेरा कॉलोनी और बागसेवनिया सहित शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित 8 डेयरियों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान दूध, दही, पनीर, घी, मावा और मिक्स मिल्क सहित 17 खाद्य नमूने एकत्र किए गए। इन सभी नमूनों की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच प्रयोगशाला में की जाएगी।
श्रावण में बढ़ जाती है दूध और दुग्ध उत्पादों की खपत
श्रावण मास में व्रत, पूजा-अर्चना, अभिषेक और धार्मिक आयोजनों के कारण दूध एवं दुग्ध उत्पादों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। ऐसे समय में मिलावट की आशंका भी बढ़ जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने पहले से ही निगरानी तेज कर दी है, ताकि लोगों की आस्था और स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रह सकें।
गड़बड़ी मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद यदि किसी भी नमूने में मिलावट, गुणवत्ता में कमी या निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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लोगों से भी मांगा सहयोग
विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं मिलावटी या अस्वच्छ खाद्य पदार्थों की बिक्री की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तत्काल खाद्य सुरक्षा विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई कर लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर रोक लगाई जा सके।