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Bhopal News: नकली आईएएस पहुंचा मंत्रालय, जीएडी के अधिकारी से कहा- मेरा ट्रांसफर करो

Fri, 13 Feb 2026 09:27 PM IST
भोपाल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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नीली जैकेट में फर्जी IAS
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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के अति सुरक्षित माने वाले मंत्रालय में एक फर्जी आईएएस अधिकारी पहुंच गया। वह सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के उप सचिव के कक्ष में पहुंचा और कहा कि मैं 2019 बैच का मध्यप्रदेश कैडर का आईएएस हूं। मैं इंदौर में पदस्थ हूं, विभाग ने मुझे भुला दिया। मेरा भी ट्रांसफर किया जाए।

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डीएडी के उप सचिव अजय कटेसरिया ने उक्त व्यक्ति से कुछ देर बातचीत की तो समझ में आने लगा कि यह व्यक्ति आईएएस नहीं है। इसके बाद सिलेक्शन वर्ष, बैच वर्ष पूछने और बैचमेट अधिकारियों के नाम पूछने पर फर्जी आईएएस होने का पता चला। इतने में उप सचिव ने पुलिस बुला ली। मंत्रालय सुरक्षा अधिकारी एसीपी अविनाश शर्मा स्वयं मौके पर पहुंचे और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इसके बाद समझ में आया कि वह मानसिक रूप से पूरी तरह से स्वस्थ नहीं है। इसके बाद परिजनों का नंबर लेकर उनसे बात की। परिजन आनन-फानन में इंदौर से भोपाल पहुंचे और बताया कि इसका नाम योगेन्द्र सिंह चौहान है। यह मानसिक बीमार है। इसका कई महीनों से इलाज चल रहा है। इलाज के दस्तावेज देखने के बाद सुरक्षा अधिकारी ने परिजनों को अकेले न छोड़ने की हिदायत देकर परिजनों को सौंप दिया।

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जानकारी के अनुसार योगेन्द्र सिंह खुद को आईएएस बताकर मंत्रालय में प्रवेश किया था। हालांकि उसके पास कोई भी दस्तावेज नहीं मिला, जो उसने आईएएस बनने के लिए तैयार किया हो। योगेंद्र सिंह चौहान इंदौर में पदस्थ कई आईएएस अधिकारियों का नाम बताकर अपना परिचय देने का प्रयास करता रहा। जीएडी उप सचिव कटेसरिया ने पूछा कि आपका सुरक्षाकर्मी कहां है। तब उसने कहा कि वह इंदौर कलेक्टर ने वापस ले लिया। इसके बाद उसने कई ऐसी बातें की, जो उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की बानगी दे रही थीं।
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मंत्रालय सुरक्षा अधिकारी अविनाश शर्मा ने कहा कि पूछताछ में ही लग गया था कि वह मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं है। वह पुलिसकर्मियों पर रौब झाड़ने लगा था। किसी भी चीज से उसे डर नहीं लग रहा था। परिजनों ने उसके मानिसक बीमारी के इलाज के कई पर्चे दिखाए हैं। इसके बाद परिजनों को समझाइश देकर उसे छोड़ दिया गया है। मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

नीली जैकेट में फर्जी IAS

 

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