डॉ. बैजनाथ शर्मा, पूर्व कुलपति, भोपाल विवि
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मध्यप्रदेश के प्रख्यात इतिहासकार व शिक्षाविद डाॅ. बैजनाथ शर्मा का रविवार को 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह भोपाल विश्वविद्यालय के कुलपति भी रहे थे। वे जहां अपने छात्र जीवन में देश के अनेक स्वतंत्रता सेनानियों, धुरंधर नेताओं और अकादमिक हस्तियों जैसे-डाॅ. राम मनोहर लोहिया, डाॅ. ईश्वरी प्रसाद आदि के निकट संपर्क में रहे। वहीं अपने प्राध्यापकीय सेवाकाल में कुंजीलाल दुबे और डाॅ. शंकर दयाल शर्मा जैसी हस्तियों का विश्वास प्राप्त हुआ। आचार्य रजनीश उनके सहपाठी व मित्र थे।
डाॅ. शर्मा ने जबलपुर और सागर विश्वविद्यालयों के इतिहास विभाग में अपनी दीर्घ कालीन सेवाओं के दौरान विभागाध्यक्ष और डीन के पदों पर सेवाएं दीं। 1980 में भोपाल विश्वविद्यालय के कुलपति रहते हुए उन्होंने इस विश्वविद्यालय के सुचारु संचालन की नींव रखी।
बनखेड़ी, होशंगाबाद के रहने वाले थे
उनका जन्म 18 अगस्त 1930 को होशंगाबाद जिले की बनखेड़ी तहसील के ग्राम मछेरा में किसान परिवार में हुआ था। स्कूली शिक्षा पिपरिया में हुई। उन्होंने जबलपुर और बनारस से स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधियां प्राप्त की। उन्होंने प्रसिद्ध इतिहासविद डाॅ. राजबली पांडे के मार्ग दर्शन में पीएचडी प्राप्त की। उनका यह शोध प्रबंध इतिहास शोध अध्ययन में एक विशिष्ट स्थान रखता है। उनके परिवार में पत्नी श्रीमती शांति देवी शर्मा, तीन पुत्र डाॅ. सुभाष शर्मा, प्रोफेसर रानी दुर्गावती विवि जबलपुर, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा, कर्नाटक उच्च न्यायालय, कमांडर शरद शर्मा एवं दो पुत्रियां हैं। डाॅ. बैजनाथ शर्मा की अंतिम यात्रा सोमवार 11 जनवरी 2021 को जबलपुर के नया गांव स्थित उनके निवास स्थान से निकलेगी और अंतिम संस्कार ग्वारीघाट शांति धाम में दोपहर 12 बजे किया जाएगा।