चुनाव आयोग ने सहायक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) और चुनाव रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के लिए पारिश्रमिक देने का फैसला लिया है। आयोग ने शनिवार को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। इससे पहले पिछले माह बूथ लेवल अधिकारी और सुपरवाइजर का पारिश्रमिक बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। आयोग अब तक एईआरओ और ईआरओ को चुनाव संबंधी काम के बदले पारिश्रमिक या मानदेय नहीं देता था। सिर्फ बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) को ही मतदाता सूची का काम करने पर राशि दी जाती थी।
30 हजार रुपए पारिश्रमिक के रूप में दिए जाएंगे
अब सहायक चुनाव रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को 25 हजार रुपए और चुनाव रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को एक साल में 30 हजार रुपए पारिश्रमिक के रूप में दिए जाएंगे। आयोग ने पिछले माह बूथ लेवल आफिसर (बीएलओ) की प्रोत्साहन राशि बढ़ाने का फैसला लिया था। तब बीएलओ के साथ सुपरवाइजर को भी पारिश्रमिक देने का निर्णय लिया था। नए निर्देश के बाद बीएलओ को हर महीने एक हजार रुपए के हिसाब से मानदेय मिलने लगेगा। पहले यह 500 रुपए महीने के हिसाब से मिल रहा था।
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मतदाता सूचियां लोकतंत्र की आधारशिला
आयोग के सहायक निर्देशक अपूर्व कुमार सिंह ने बताया कि मतदाता सूचियां लोकतंत्र की आधारशिला हैं। मतदाता सूची मशीनरी, जिसमें निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (EROS), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (AEROS), BLO पर्यवेक्षक और बूथ लेवल अधिकारी (BLOs) शामिल हैं।सहायक निर्देशक सिंह ने बताया कि निष्पक्ष एवं पारदर्शी मतदाता सूचियां तैयार करने में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। आयोग ने BLOs के वार्षिक पारिश्रमिक को दोगुना करने और मतदाता सूचियों की तैयारी एवं पुनरीक्षण में शामिल बीएलओ पर्यवेक्षकों के पारिश्रमिक में भी वृद्धि करने का निर्णय लिया है। पिछला ऐसा संशोधन वर्ष 2015 में किया गया था। साथ ही पहली बार EROS और AEROS के लिए मानदेय बढ़ाया गया ।
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2015 में किया गया था ऐसा संशोधन
उन्होंने बताया कि 2015 से विद्यमान लेवल अधिकारी (BLO) 6000 से 12000 रुपये, मतदाता सूची के पुनरीक्षण के लिए BLO को प्रोत्साहन राशि 1000 से 2000 रुपये, BLO पर्यवेक्षक से 12000 से 18000 रुपये, एईआरओ का शून्य से संशोधित कर 25000 रुपये एवं ईआरओ का शून्य अब संशोधित कर 30000 रुपये किया गया है। इसके अलावा आयोग ने बिहार से प्रारंभ होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के लिए BLOs के लिए 6,000 रुपये के विशेष प्रोत्साहन को भी मंजूरी दी थी।