सौरभ शर्मा के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी
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परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके रिश्तेदरों और साथियों के ठिकानों पर ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने शनिवार को छापेमारी की। ईडी की टीम ने भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में शर्मा और उसके रिश्तेदारों के घरों पर दबिश दी। ईडी को छापेमारी में कई दस्तावेज और नकदी मिलने की खबर है। छापे के दौरान टीम अपने साथ मेटल डिटेक्टर लेकर पहुंची। ईडी की टीम ने शुक्रवार सुबह पांच बजे भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर की छह जगहों पर छापेमारी की। भोपाल में ईडी ने सौरभ शर्मा और उसके साथी शरद जयसवाल के ठिकानों पर छापा मारा। जमीन में छिपे सोने-चांदी का पता लगाने के लिए ईडी की मेटर डिटेक्टर लेकर पहुंची। जानकारी के अनुसार सौरभ के दफ्तर से ईडी को अहम सुराग मिले, जहां ताला बंद अलमारी और कागजात मिले हैं। बाद में ताला खोलने वाले को बुलाया गया और सीसीटीवी की हार्ड डिस्क भी खंगाली गई।
ग्वालियर में तीन बैग दस्तावेज जब्त
ग्वालियर में ईडी ने सौरभ शर्मा के पुराने घर और उसके साथी चेतन शर्मा के घर पर छापा मारा। कार्रवाई सुबह शुरू होकर शाम तक चली। इस दौरान टीम ने 3 बैग दस्तावेज जब्त किए और 2 लोगों से पूछताछ की। टीम के साथ एक युवक और महिला को भी ले जाया गया।
जबलपुर में रिश्तेदार के घर जांच
वहीं, ईडी ने जबलपुर में सौरभ के रिश्तेदार और बिल्डर रोहित तिवारी के घर पर भी छापा मारा। इस दौरान बड़ी संख्या में दस्तावेज जब्त किए गए। बताया जा रहा है कि रोहित को छापे की भनक पहले ही लग चुकी थी और उसने कई अहम सुराग छिपाने की कोशिश की थी। रोहित की फर्म, ओमेगा रियल कॉन प्राइवेट लिमिटेड में भी छापा मारा गया। सूत्रों के मुताबिक ईडी ने छापेमारी में दस्तावेज जब्त किए है। फिलहाल ईडी की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
सौरभ शर्मा के ठिकानों से मिले 7.95 करोड़ रुपए
बता दें, 19 दिसंबर को लोकायुक्त ने सौरभ शर्मा के ठिकानों पर छापेमारी की थी। जहां से टीम को 7 करोड़ 98 लाख रुपए की चल संपत्ति मिली थी। इसमें नगदी, सोना, चांदी शामिल है। इसके अलावा करोड़ों रुपये की संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। वहीं, आईटी की टीम ने भोपाल के पास ही एक कार को जब्त किया था। उसमें 52 किलो सोना और करीब 10 करोड़ रुपये नगद बरामद हुए। यह माल एक आरटीओ लिखी कार से बरामद किया गया। सौरभ शर्मा ने परिवहन विभाग में सात साल नौकरी करने के बाद वीआरएस ले लिया था। वह ठेकेदारी का काम करने लगा था। अब एजेंसियां भ्रष्टाचार के साथ ही काले धन को सफेद करने की कोशिश करने के एंगल से भी पूरे मामले की जांच कर रही है।