पूर्व सीएम कमलनाथ का बयान
लोकतंत्र में एकतरफा फैसलों के लिए कोई गुंजाइश नहीं है। संसद में संवाद के बिना ट्रक ड्राइवर्स के खिलाफ कठोर कानून बनाना समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर हमला है। कानूनों के विरोध में हो रही हड़ताल से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सरकार को ड्राइवर्स से बात कर समस्या का सर्वसम्मत हाल निकालना चाहिए।
प्रशासन ने पुलिस सुरक्षा में बुलाए पेट्रोल-डीजल के टैंकर, खंडवा में जरूरी सामान की नहीं होगी किल्लत
देश भर में जहां एक तरफ हिट एंड रन कानून को लेकर हंगामा बरपा है। वहीं, इसके चलते हो रही हड़ताल के दौरान पेट्रोल और दूसरे जरूरी सामान की किल्लत की खबरें भी देश के हर कोने से आ रही हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश के खंडवा जिले से राहत देने वाली खबर है।
यहां जिला प्रशासन ने पेट्रोल सहित आवश्यक वस्तुओं का भरपूर स्टॉक रखा है। हालांकि, सोमवार को देश भर से आ रही खबरों के बाद खंडवा में भी पेट्रोल पंपों पर भीड़ तो जरूर लग गई थी। लेकिन मंगलवार सुबह जिला प्रशासन ने स्थिति साफ करते हुए आमजन को आश्वस्त कर दिया कि खंडवा में पेट्रोल और अन्य जरूरी सामानों की किल्लत जैसी कोई बात नहीं है। इसलिए यहां इन चीजों की जितनी जरूरत हो उतना ही लें, अनावश्यक स्टॉक न करें।
मध्यप्रदेश में दूसरे दिन मंगलवार को ट्रक-बस ड्राइवर्स की हड़ताल का असर जरूरी सेवाओं पर दिख रहा है। इसके चलते मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने सरकार को हड़ताल खत्म कराने के निर्देश दिए हैं। दो याचिकाओं पर मंगलवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने कहा, हड़ताल को तुरंत खत्म करवाया जाए। सरकार परिवहन बहाल करवाए। इस पर सरकार की तरफ से महधिवक्ता ने कहा, आज शाम तक इस मामले में अहम निर्णय लिया जा रहा है। ये याचिकाएं नागरिक उपभोक्ता मंच और अखिलेश त्रिपाठी की ओर से दायर की गई हैं।
ड्राइवर्स की हड़ताल के चलते भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर सहित अन्य जिलों में दूध से लेकर सब्जी और किराना सप्लाई कम हुई है। ज्यादातर शहरों में सब्जियां महंगी हो गईं। स्कूल-कॉलेज बसें बंद रहीं। खरगोन में पुलिस और प्रर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई। बुरहानपुर में हड़ताल कर रहे ड्राइवरों ने दूसरे वाहन चालकों को जूते-चप्पलों की माला पहनाने के प्रयास किए। कई वाहनों की हवा निकाल दी। ड्राइवर उस हिट एंड रन से जुड़े कानून का विरोध कर रहे हैं, जिसमें 10 साल की सजा और सात लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
जबलपुर हाईकोर्ट से बड़ी खबर
अफवाह फैलाई तो होगी कार्रवाई
जिले में ट्रकों की हड़ताल के चलते पेट्रोल पंपों में पेट्रोल भरवाने लोगों का हुजूम लग गया। पेट्रोल-डीजल की कमी होने की अफवाह के चलते कलेक्टर मनोज पुष्प ने तत्काल इस संबंध में पुलिस, यातायात विभाग, परिवहन विभाग और आइल कंपनी के डीलर्स के साथ सोमवार शाम बैठक ली। उन्होंने जिले के सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि जिले में डीजल पेट्रोल की पर्याप्त उपलब्धता है। ईंधन सप्लाई चेन को मेंटेन कर लिया गया है। किसी भी तरह की अफवाहों में न आएं और पैनिक न करें। अव्यवस्था उत्पन्न करने वालों और अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में ड्राइवरों की हड़ताल के कारण एवं उसके निदान पर चर्चा की गई।
AICTSL बसें आज भी बंद
हड़ताल के असर के चलते AICTSL बसें की बसें आज भी बंद रहीं। इंदौर से भोपाल और अन्य शहरों की तरफ जाने वाली बसों का संचालन बंद रखा गया है। आईबस और सिटी बसों का संचालन किया जा रहा है। इसमें भी कई रूट की बसें अभी तक शुरू नहीं हुई हैं। पीआरओ माला सिंह ठाकुर ने बताया कि इंदौर से बाहर के जिलों में आने जाने वाली एआईसीटीएसएल की बसों का संचालन शुरू नहीं हुआ है। जल्द ही इसे शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
तीन रहेगा असर
ट्रक चालकों के अनुसार हिट एंड रन कानून के विरोध में चल रही हड़ताल तीन दिन जारी रहेगी। आज मंगलवार को हड़ताल का दूसरा दिन है। सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतार लगी हुई है। बाहर से आने वाले सामान की आपूर्ति भी प्रभावित है। इसके साथ ही दूध और किराना सामान को लेकर भी समस्या बनी हुई है। प्रशासन और पुलिस पेट्रोल पंपों पर टैंकर पहुंचा रहे हैं।
कई पेट्रोल पंप पर रस्सियां बांध दी गई हैं, क्योंकि सुबह से लोग पेट्रोल भरवाने के लिए उमड़ पड़े हैं।
ट्रांसपोर्टर्स की हड़ताल के चलते रविवार और सोमवार को अधिकतर पेट्रोल पंपों में ईंधन खत्म हो गया। शहर के कई पेट्रोल पंप ड्राई घोषित कर दिए गए हैं। जहां कहीं थोड़ा बहुत ईंधन बचा था वहां आज मंगलवार को लंबी कतार लगी रही। इंदौर के पेट्रोल पंप पर सुबह से लाइनें लगी हुई हैं।