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मध्यप्रदेश: डॉक्टरों को मरीज के पर्चे पर लिखना होगा अपना नाम और मोबाइल नंबर

Sun, 03 Jan 2021 07:16 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : iStock
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हमीदिया अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों के पर्चे पर डॉक्टरों का नाम, मोबाइल नंबर और उनकी मुहर भी लगानी होगी, ताकि यह पता रहे की मरीज का इलाज किस डॉक्टर ने किया है। यह व्यवस्था हमीदिया अस्पताल में शनिवार दोपहर बाद ही लागू कर दी है। इसके साथ ही प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेज और उनसे जुड़े अस्पतालों में यह व्यवस्था लागू होगी।

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इसके निर्देश चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने दिए हैं। विश्वास सारंग शनिवार सुबह अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे थे। मंत्री ने नौ अलग-अलग मरीजों से बातचीत की।उसके बाद अस्पताल प्रबंधन से कहा है कि मैंने जितने भी मरीजों से बातचीत की है उसमें पता चला है कि मरीजों को कहां पर्चा बनवाना है, किस जांच के लिए कहां जाना है, आयुष्मान कार्ड का रजिस्ट्रेशन कहां होना है और दवाइयां कब कहां मिलनी है। यह ढूंढने में दिक्कत हो रही है मरीजों को समय भी लग रहा है उन्हें हर बार अलग-अलग जगह अलग-अलग काउंटरों पर जाकर लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है और मरीज के परिजनों को परेशान होना पड़ता है।


यह व्यवस्था बीमारी से जूझ रहे मरीज के लिए ठीक नहीं है। मंत्री विश्वास सारंग ने गांधी मेडिकल कॉलेज की टीम डॉ. अरुणा गुप्ता और अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आईडी चौरसिया को निर्देश दिए हैं कि अस्पताल में ऐसी व्यवस्था की जाए कि मरीज को कम से कम समय में पूरा इलाज मिल सके।
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मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि अस्पताल का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। मरीज के साथ आने वाले परिजन, कर्मचारी, अधिकारी और मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल में मरीजों के लिए एक अलग पाथवे बनाने पर विचार करें। जिसमें केवल मरीज ही आना-जाना कर सकें।

अधिकारियों ने कहा कि इस पर विचार करेंगे और रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। मंत्री विश्वास सारंग इमरजेंसी विभाग के सामने पहुंचे तो उन्होंने देखा कि अस्पताल के सामने ही पानी टपक रहा है। इस पर उन्होंने गांधी मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अरुणा गुप्ता से कहा कि मैडम इधर तो आप रोज आते होंगे। जब यह मुझे दिख गया तो आपको क्यों नहीं दिखा और जब दिख गया था तो इसे ठीक क्यों नहीं करवाया। इस पर डीन डॉ. अरुणा गुप्ता ने मंत्री को सफाई दी और जल्दी ठीक करने की बात कही है।

साफ-सफाई वाली एजेंसी को नोटिस देकर हटाए
मंत्री को अस्पताल परिसर में गंदगी मिली, कबाड़ वाले कूलर डॉक्टर, ओपीडी रूम में रखे मिले, पंखे गंदे मिले, पुरानी ओपीडी के सामने फर्श गंदा मिला। अस्पताल परिसर में दो भवनों के बीच खाली जगह में गंदगी मिली। इस पर मंत्री ने कहा कि साफ-सफाई एजेंसी को नोटिस दीजिए। दिसंबर 2020 का भुगतान रोकिए और हटाइए। इसके बाद सफाई एजेंसी यूडीएस के मैनेजर ने माफी भी मांगी, लेकिन मंत्री ने कहा आपका काम ठीक नहीं है कार्रवाई तो होगी।


इसके साथ ही कई व्यवस्थाओं पर मंत्री ने नाराजगी जताई और कहा कि आज तो मैं बताकर आया हूं। तब भी मुझे इतनी कमियां मिली है। अगली बार से बिना बताए औचक निरीक्षण करूंगा। तब मुझे कमियां मिली तो सीधे सख्त कार्रवाई करूंगा।

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