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Mp: दिग्विजय बोले-हिटलर की तरह मुसलमानों को टारगेट कर रहा है आरएसएस, बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा को कहा नपुंसक

Sat, 07 Sep 2024 07:31 PM IST
संदीप तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल

सार

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शनिवार को सीपीआईएम के दफ्तर प्रेस वार्ता कर आरएसएस और वीडी शर्मा पर जमकर हमला बोला। दिग्विजय ने कहा मुसलमानों को हिटलर की तरह RSS टारगेट कर रहा है। उन्होंने वीडी शर्मा को नपुंसक तक कह दिया।
 
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दिग्विजय सिंह की पत्रकारवार्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भोपाल के पद्मनाभ नगर में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने शनिवार को मीडिया से चर्चा की। इस दौरान इंडिया गठबंधन के सदस्यों ने छतरपुर में मुसलमान परिवारों के साथ हुई ज्यादती की घटनाओं की रिपोर्ट बताई। इस दौरान दिग्विजय ने बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को नपुंसक बताते हुए कहा है कि वीडी शर्मा मुझे आतंकियों का हिमायती मानते हैं, तो उनकी नपुंसकता पर मुझे निराशा होती है। ट्रिपल इंजन सरकार में होकर भी कार्रवाई नहीं करते। उन्होंने कहा कि देश में जो गवर्नेंस आफ नरेंद्र मोदी चल रहा है, उसमें तुम भी खाओ, हमको भी खिलाओ वाली नीति लागू है। दिग्विजय सिंह ने छतरपुर में पुलिस पर फायरिंग करने वाले की हवेली गिराने पर कहा कि प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की है। देश में सुनियोजित ढंग से भाजपा और उनके संगठनों ने कार्रवाई की है। जैसे, हिटलर ने यहूदियों को टारगेट बनाया, उसी तर्ज पर आरएसएस ने मुसलमानों को टारगेट किया है और उन्हें एंटी नेशनल बताने का काम किया जा रहा है। सिंह ने कहा कि अंग्रेजों ने जैसे हिन्दू मुस्लिम को अलग किया उसी से सीख लेकर आरएसएस-भाजपा काम कर रही है।
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सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का करे पालन
मीडिया से बात करते हुए दिग्विजय ने कहा कि इन सब बातों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने गाइडलाइंस रेखांकित की थी। इसे लेकर 2021 में इंदौर हाईकोर्ट में याचिका लगाई है कि एमपी सरकार सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन करें, लेकिन 3 साल से सरकार जवाब नहीं दे रही। उन्होंने कहा कि दिल्ली में वरिष्ठ एडवोकेट से चर्चा करूंगा। वर्तमान में जो निर्देश जारी किए गए हैं, उस याचिका में इंटरविनर बनूंगा। सिंह ने कहा कि देश में संविधान की शपथ ली जाती है।पीएम नरेंद्र मोदी मस्तक पर लगाते हैं। सभी सीएम, पीएम, अधिकारियों को संविधान का पालन करना ही पड़ता है और नहीं करते हैं, तो अपराध की श्रेणी में आते हैं।


गुजरात के ठेकेदार आ रहे हैं मध्य प्रदेश 
दिग्विजय ने कहा कि भिंड में मुसलमानों का घर गिराने के मामले में भी न्यायालय जाएंगे। मैं खुद मुकदमा लडूंगा। उन्होंने कलेक्टर भिंड संजीव श्रीवास्तव को लेकर कहा कि इतनी बेशर्मी से किसी भी राज्य के अधिकारी कर्मचारी को नियमों का उलंघन करते नहीं देखा, जितना इन 20 साल में देखा है। नियम कानून को ताक पर रखो, जो करना है करो, तुम भी खाओ, हमें भी दो, जिसे ठेका देना है दो। गुजरात के ठेकेदार एमपी आ रहे हैं। यह भाजपा और मोदी का मॉडल ऑफ गवर्नेंस है। उन्होंने कहा कि 100 में से 40 रुपए रिश्वत, नेता, दलालों, अधिकारियों में बंट रहा है। सिंह ने यह भी कहा कि किसी के साथ धर्म के आधार पर व्यवहार करना अपराध है। दिग्विजय ने जातिगत जनगणना आवश्यक बताते हुए कहा कि इसमें किसी को आपत्ति नहीं होना चाहिए।
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छतरपुर में प्रशासन की एकतरफा कार्रवाई
पूर्व मंत्री राजा पटेरिया ने कहा कि छतरपुर में प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की है। मुसलमानों को टारगेट कर परेशान किया जा रहा है। यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि जैसे रखना चाहते हैं, वैसे रहना होगा। छतरपुर में जो माहौल बना है, उसका जिक्र करते हुए राजा पटेरिया ने कहा कि कभी भी मॉब लिंचिंग के रूप में मेरा, दिग्विजय सिंह और अन्य का एनकाउंटर किया जा सकता है। इसके पहले, सीपीआईएम के जसविंदर सिंह ने छतरपुर घटना की जांच की जानकारी दी।


तथ्यों को छुपाने की कोशिश
दिग्विजय ने कहा कि प्रशासन की पूरी कोशिश अपने अपराध पर पर्दा डालने की है। जांच दल ने 4 सितंबर को जेल जाकर इस मामले में बंद लोगों से मिलने की कोशिश की। जेलर ने बताया कि 40 लोग बंद हैं। अभी मुलाकात का समय खतम हो गया है, यदि आप सुबह दस बजे आएं तो मुलाकात हो सकती है। जांच दल जक 5 सिंतबर को निर्धारित समय प पहुंचा तो जेलर ने जानकारी दी कि हाजी शहजाद अली को भोपाल, 15 लोगों को सतना, 15 लोगों को सागर और 9 लोगों को ग्वालियर जेल में ट्रांसफर कर दिया गया है। अब जेल में कोई नहीं है। प्रश्र यह है कि यदि उन्हें पहले से ही ट्रांसफर करने की योजना थी तो फिर जांच दल को अगले दिन बुलाने की क्या आवश्यकता थी? या फिर उन्हें इसलिए अचानक ट्रांसफर किया गया कि जांच दल से बात न हो सके? प्रशासन पूरी तरह से राजनीतिक दबाव में सत्ताधारी पार्टी के दबाव में काम कर रहा है। जांच दल ने जिलाधीश और पुलिस अधीक्षक को सुझाव दिया कि भयमुक्त वातावरण बनाने और फिर से विश्वास कायम करने के लिए उन्हें प्रभावित क्षेत्र को दौरा कर जनता से संवाद करना चाहिए। दोनो ने इस पर सहमति जताने के बाद भी प्रभावित क्षेत्र का दौरा करने का आश्वासन नहीं दिया है।
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