राजधानी के अरेरा कॉलोनी में कारोबारी को डिजिटल अरेस्ट करने के बाद अब स्टेशन बजरिया में रहने वाले एक इंजीनियर के साथ भी इसी प्रकार की घटना हुई। सायबर जालसाजों ने इंजीनियर युवक को करीब 6 घंटे तक उसी के घर में डिजिटल अरेस्ट रखा और पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए 4 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। परिवारजनों और दोस्तों को शंका हुई तो उन्होंने क्राइम ब्रांच को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने इंजीनियर को जालसाजों से बचा लिया।
इंजीनियर ने बताया कि वह इस प्रकार की घटनाओं को लेकर दूसरे लोगों को जागरूक किया करता था, लेकिन इस जालसाजों उस पर इस प्रकार के दबाव बनाया कि वह कुछ समझ नहीं पाया था। जानकारी के अनुसार स्टेशन बजरिया में रहने वाले प्रमोद कुमार एक टेलीकॉम कंपनी में इंजीनियर हैं। मंगलवार की शाम को उनके पास अज्ञात व्यक्ति ने फोन किया था। उसका कहना था कि आपको आधार कार्ड पर कई अन्य मोबाइल सिम ली गई हैं, जिनका मिसयूज हो रहा है। इसको लेकर अब आप पर पुलिस कार्रवाई होगी। पुलिस का नाम सुनकर प्रमोद डर गए तो फोन करने वाले ने उन्हें किसी से कुछ नहीं बताने और वीडियो कॉल पर बात करने का बोला। उसके बाद प्रमोद उनसे वीडियो कॉल पर बातचीत करने लगे। इस दौरान प्रमोद को पुलिस, वकील और अन्य अधिकारियों के कार्यालय का सीन दिखाई दिया। तीन लोग उनसे वीडियो कॉल पर बातचीत कर रहे थे। उनका कहना था कि आपके आधार कार्ड पर ली गई सिमों का जिस प्रकार का उपयोग किया गया है, उससे बड़ा मामला बनता है। प्रमोद कुमार कभी थाने नहीं गए थे, इसलिए वह काफी डर गए।