दतिया विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा दिए गए बयानों को लेकर भाजपा ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त से शिकायत की है। भाजपा ने पटवारी पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और शासकीय संस्थाओं के खिलाफ तथ्यहीन और आपत्तिजनक आरोप लगाने का आरोप लगाते हुए मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। भाजपा के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को भोपाल में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखित शिकायत देकर कहा कि जीतू पटवारी के बयान भ्रामक और निराधार हैं। पार्टी का आरोप है कि ऐसे बयानों के जरिए मुख्यमंत्री की छवि धूमिल करने के साथ-साथ शासकीय संस्थाओं की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े करने का प्रयास किया जा रहा है। भाजपा ने शिकायत में कहा कि पटवारी के बयानों से मतदाताओं के बीच भ्रम और तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। इससे दतिया में कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है। पार्टी ने दावा किया कि इस तरह के बयान चुनावी माहौल को प्रभावित करने वाले हैं और आदर्श आचार संहिता की भावना के विपरीत हैं।
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दतिया में प्रवेश और प्रचार पर रोक की मांग
भाजपा ने निर्वाचन आयोग से मामले की तत्काल जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। पार्टी ने यह भी मांग रखी है कि चुनाव प्रचार की शेष अवधि के दौरान जीतू पटवारी के दतिया विधानसभा क्षेत्र में प्रवेश और चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध लगाया जाए। भाजपा का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से मतदाताओं को बिना दबाव और भय के अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष माहौल सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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सीएम को लेकर पटवारी ने यह कहा
बता दें, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने दतिया चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने सरकार पर प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग और चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया। पटवारी ने अधिकारियों को निष्पक्ष होकर काम करने की चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारें आती जाती रहती हैं और अधिकारियों को किसी राजनीतिक दबाव में नहीं आना चाहिए। भाजपा ने पटवारी के इन बयानों को मुख्यमंत्री और शासकीय संस्थाओं की छवि खराब करने वाला बताते हुए निर्वाचन आयोग से शिकायत की है।