कोरोना महामारी के दौरान अपनी जान को जोखिम में डालकर लोगों की मदद करने वाले डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ के लिए राहत की खबर है। बता दें कि मार्च या अप्रैल में रिटायर होने वाले डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की सीमा को सरकार ने चार महीने और बढ़ाने का फैसला किया है।
सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि कोरोना काल के दौरान मेडिकल सुविधाओं की कमी ना हो। इसके साथ ही निगम, मंडलों, सार्वजनिक उपक्रमों, गृह विभाग और स्थानीय निकायों से रिटायर होने वालों को भी जरूरत के मुताबिक संविदा पर रखा जाएगा।
कैसे मिलेगी संविदा नियुक्ति
निगम, मंडल, सार्वजनिक उपक्रम और स्थानीय निकायों के अधिकारी जो 31 मार्च को रिटायर हो चुके हैं या रिटायर होने वाले हैं, अगर वो इस अभियान से जुड़ना चाहते हैं तो सरकार उन्हें 31 जुलाई 2021 तक संविदा पर रख सकती है। वर्ग तीन और चार के कर्मचारी को उनके जिला प्रमुख की ओर से संविदा नियुक्ति दी जाएगी।
वहीं सार्वजनिक उपक्रमों और स्थानीय निकायों के कर्मचारियों को सीईओ द्वारा नियुक्ति दी जाएगी। हालांकि ऐसा करने से पहले कर्मचारियों को एक प्रमाण पत्र देना होगा कि उन्होंने कोविड काल के दौरान अपनी सेवाएं दी हैं। इसके अलावा वर्ग दो के कर्मचारियों को संविदा नियुक्ति संभागीय आयुक्त द्वारा दी जाएगी।
इसमें भी जिलाधिकारी का प्रमाण पत्र लगेगा कि इन अधिकारियों ने कोरोना काल में अपनी सेवाएं दी हैं। वहीं वर्ग एक के कर्मचारियों की संविदा नियुक्ति संबंधित विभाग की ओर से की जाएगी। गृह विभाग के वर्ग तीन और वर्ग चार के पुलिसकर्मियों को एसपी की अनुशंसा और प्रमाण पर डीआईजी संविदा नियुक्ति दी जाएगी।
हर जिले में लगेगा सीटी स्कैन मशीन
कोरोना संक्रमण की गई समीक्षा बैठक के बाद कहा गया था कि बड़े अस्पतालों में लिक्विड ऑक्सीजन संयंत्र और एयर सेपरेशन यूनिट की भी व्यवस्था की जा रही है। हर जिले में सीटी स्कैन मशीन लगाई जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कम से कम 15 दिन अनावश्यक घर से बाहर ना निकलें।