भोपाल के गैस राहत क्षेत्र में दूषित पेयजल को लेकर विवाद गहरा गया है। गैस पीड़ित संगठनों ने जांच रिपोर्ट और वीडियो के आधार पर सीवेज मिला पानी सप्लाई होने का दावा किया है, जबकि नगर निगम ने पानी को पूरी तरह सुरक्षित बताया है। इस बीच कांग्रेस ने सरकार पर जनता की सेहत से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
राजधानी भोपाल के गैस राहत क्षेत्र में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। गैस पीड़ित संगठनों ने दावा किया है कि यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के आसपास की कई बस्तियों में सीवेज मिला पानी लोगों तक पहुंच रहा है। इस दावे के समर्थन में संगठनों ने गंदे पानी और सीवेज के बीच से गुजर रही पेयजल पाइपलाइन का वीडियो भी जारी किया है। वहीं, भोपाल नगर निगम ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि गैस प्रभावित क्षेत्रों में केवल उपचारित और शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। मामला अब राजनीतिक रंग भी ले चुका है और कांग्रेस ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
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43 नमूनों में बैक्टीरिया मिलने का दावा
भोपाल गैस पीड़ित महिला-पुरुष संघर्ष मोर्चा के अनुसार जुलाई में 30 गैस प्रभावित बस्तियों से 63 पानी के नमूने लिए गए। संगठन का दावा है कि इनमें से 43 नमूनों में फीकल कॉलीफॉर्म बैक्टीरिया मिले, जो मलजनित प्रदूषण का संकेत हैं। उनका कहना है कि बड़ा तालाब से सप्लाई होने वाले करीब 90 प्रतिशत और कोलार परियोजना के 25 प्रतिशत नमूने भी मानकों पर खरे नहीं उतरे।
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वीडियो जारी कर निगम के दावों पर उठाए सवाल
भोपाल ग्रुप फॉर इंफॉर्मेशन एंड एक्शन की रचना धींगरा ने शनिवार को वीडियो जारी कर दावा किया कि उड़िया बस्ती में पेयजल पाइपलाइन सीवेज के बीच से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में दूषित पानी लोगों तक पहुंचने का खतरा बना हुआ है। संगठनों ने मांग की कि भागीरथपुरा जैसी घटना का इंतजार करने के बजाय तुरंत सीवर व्यवस्था सुधारी जाए और जल गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
निगम का दावा- पानी पूरी तरह शुद्ध
भोपाल नगर निगम ने कहा कि गैस प्रभावित 42 बस्तियों में पाइपलाइन के माध्यम से उपचारित पानी की आपूर्ति की जा रही है। पानी की गुणवत्ता की नियमित प्रयोगशाला जांच होती है और अब तक किसी भी नमूने में अशुद्धि नहीं मिली है। निगम का कहना है कि गंदे पानी की शिकायत मिलने पर तत्काल जांच और सुधारात्मक कार्रवाई की जाती है।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यदि राजधानी में लोगों को दूषित पानी पीना पड़ रहा है तो यह सरकार की गंभीर विफलता है। उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर, प्रभावित इलाकों में स्वच्छ पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था और स्वास्थ्य शिविर लगाने की मांग की। पटवारी ने कहा कि सरकार को इंदौर के भागीरथपुरा जैसी घटनाओं से सबक लेना चाहिए था, लेकिन भोपाल में भी लापरवाही सामने आ रही है।