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जनगणना ड्यूटी: शिक्षकों में नाराजगी, दिल्ली मॉडल लागू करने की मांग, अवकाश में काम के बदले मिले अर्जित छुट्टी

Fri, 24 Apr 2026 06:37 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल

सार

जनगणना ड्यूटी के बीच शिक्षकों ने अब अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद कर दी है। ‘दिल्ली मॉडल’ को आधार बनाकर मध्य प्रदेश में भी अर्जित अवकाश लागू करने की मांग जोर पकड़ रही है, जो आने वाले दिनों में बड़ा मुद्दा बन सकती है।
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डीपीआई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश में जनगणना ड्यूटी को लेकर शिक्षकों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने सरकार से स्पष्ट मांग की है कि ग्रीष्मकालीन अवकाश में काम करने वाले शिक्षकों को अर्जित अवकाश दिया जाए। संगठन का कहना है कि यदि राष्ट्रीय महत्व के कार्यों में शिक्षकों की सेवाएं ली जा रही हैं, तो उनके अधिकारों की भी उतनी ही गंभीरता से रक्षा होनी चाहिए।
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दिल्ली मॉडल का हवाला, एमपी में भी लागू करने की मांग
संगठन के कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने बताया कि दिल्ली में जनगणना ड्यूटी के दौरान छुट्टियों में काम करने वाले शिक्षकों को अर्जित अवकाश देने के स्पष्ट निर्देश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इसी तर्ज पर मध्य प्रदेश सरकार को भी तत्काल निर्णय लेते हुए यहां के शिक्षकों को यह सुविधा देनी चाहिए, ताकि समानता और न्याय सुनिश्चित हो सके।

गर्मी की छुट्टियों में भी काम, राहत नहीं
प्रदेशभर में हजारों शिक्षकों को ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान जनगणना कार्य में लगाया गया है। ऐसे में शिक्षकों को अपने निर्धारित अवकाश से समझौता करना पड़ रहा है, लेकिन इसके बदले उन्हें न तो अतिरिक्त छुट्टी मिल रही है और न ही कोई अन्य राहत। इससे शिक्षकों के बीच असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
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गैर-शैक्षिक कार्यों का बढ़ता बोझ
उपेन्द्र कौशल ने कहा कि शिक्षकों से लगातार चुनाव, सर्वेक्षण और जनगणना जैसे गैर-शैक्षिक कार्य कराए जाते हैं। इससे उनकी मूल शैक्षणिक जिम्मेदारियां प्रभावित होती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार इन कार्यों के लिए शिक्षकों पर निर्भर है, तो उनके अधिकारों और सुविधाओं को नजरअंदाज क्यों किया जा रहा है।
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सम्मान और अधिकार दोनों जरूरी
संगठन ने स्पष्ट किया कि केवल काम लेना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिक्षकों को उनका अधिकार और सम्मान भी मिलना चाहिए। यदि उन्हें अर्जित अवकाश जैसी सुविधाएं दी जाएंगी, तो वे इन जिम्मेदारियों को और अधिक ईमानदारी और समर्पण के साथ निभा सकेंगे। संगठन ने राज्य सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द आदेश जारी कर जनगणना और चुनाव ड्यूटी के बदले अर्जित अवकाश की व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आगे आंदोलन तेज किया जा सकता है।



 
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