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केंद्र में बढ़ा MP का कद: बिहार CM की नियुक्ति के लिए शिवराज बने विधायक दल बैठक के पर्यवेक्षक, क्या हैं मायने?

Sun, 12 Apr 2026 04:46 PM IST
Anand Pawar न्यूज डेस्क, अमर उजाला,भोपाल/पटना

सार

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को भाजपा ने बिहार सीएम की नियुक्ति के लिए विधायक दल बैठक का पर्यवेक्षक बनाया है। उनके अनुभव और संगठनात्मक पकड़ को देखते हुए यह जिम्मेदारी दी गई है। 

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शिवराज सिंह चौहान, कृषि मंत्री - फोटो : ANI
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विस्तार
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बिहार में नए सीएम की नियुक्ति के लिए भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। इस निर्णय को पार्टी में उनकी मजबूत पकड़ और अनुभव पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है। शिवराज सिंह चौहान लंबे समय तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं और संगठन व सरकार दोनों स्तरों पर उनका व्यापक अनुभव रहा है। अब उन्हें बिहार जैसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में जिम्मेदारी देना इस बात का संकेत है कि पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी भूमिका को अहम मान रही है।

अनुभव का मिलेगा लाभ

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चार बार मुख्यमंत्री रह चुके शिवराज सिंह चौहान को जटिल राजनीतिक परिस्थितियों को संभालने में दक्ष माना जाता है। विधायक दल की बैठक में उनकी मौजूदगी से निर्णय प्रक्रिया को संतुलित और प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। यह नियुक्ति इस बात को भी दर्शाती है कि मध्यप्रदेश के नेताओं की राष्ट्रीय राजनीति में सक्रियता और प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार जहां विकास कार्यों पर फोकस कर रही है, वहीं पार्टी संगठन में भी MP के नेताओं को अहम जिम्मेदारियां मिल रही हैं।

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संगठन में भरोसेमंद चेहरा

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पार्टी के भीतर शिवराज सिंह चौहान को एक भरोसेमंद और संतुलित नेता के रूप में देखा जाता है, जिन्हें महत्वपूर्ण मौकों पर जिम्मेदारी सौंपी जाती है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि आने वाले समय में उनकी संगठनात्मक भूमिका और बढ़ सकती है। बता दें कि शिवराज सिंह चौहान 2005 से 2023 के बीच, 18 महीनों को छोड़कर, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। वे विदिशा लोकसभा सीट से 1996, 1998, 1999 और 2004 में निर्वाचित हुए थे। वर्ष 2024 में वे फिर विदिशा से सांसद चुने गए और पहली बार केंद्र सरकार में मंत्री बनाए गए।

जनकल्याणकारी योजनाओं से लाया बदलाव
शिवराज सिंह चौहान की पहचान एक सफल मुख्यमंत्री के रूप में ही नहीं, बल्कि जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए समाज के विभिन्न वर्गों में ठोस बदलाव लाने वाले नेता के रूप में भी रही है। उन्होंने विशेष रूप से किसानों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए कई प्रभावी योजनाएं लागू कीं, जिनका व्यापक असर देखने को मिला। मध्यप्रदेश में शुरू की गई लाड़ली लक्ष्मी और लाड़ली बहना जैसी योजनाएं इसका उदाहरण हैं, जिनके माध्यम से महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली। इन पहलों का राजनीतिक असर भी स्पष्ट दिखा, जब पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 230 में से 163 सीटों पर जीत दर्ज की।

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मैं पार्टी का कार्यकर्ता हूं
पर्यवेक्षक बनाए जाने पर शिवराज सिंह ने कहा कि मैं बस एक पार्टी कार्यकर्ता हूं, और एक कार्यकर्ता के तौर पर, यह मेरा फर्ज है कि मुझे जो भी काम सौंपा जाए, उसे मैं पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ करूं। पार्टी मुझे जो भी जिम्मेदारी देती है, मैं उसे पूरी तरह निभाता हूं, मैं 14 तारीख को बिहार जाऊँगा।

 

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